चंडीगढ़: राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक नागरिक अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प ले तथा प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करे। उन्होंने कहा कि वृक्ष न केवल हमें शुद्ध वायु प्रदान करते हैं, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्यसभा सांसद सुभाष बराला शनिवार को टोहाना में अपने पैतृक गांव डांगरा स्थित कम्युनिटी सेंटर में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान व्यापक रूप से चलाया जा रहा है। यह अभियान केवल वृक्ष लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि मातृत्व, प्रकृति और पर्यावरण के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में भी पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं तथा हाल ही में प्रदेशभर में 77वां वन महोत्सव उत्साहपूर्वक मनाया गया है।
उन्होंने कहा कि बदलते पर्यावरणीय हालात और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। कहीं अत्यधिक वर्षा हो रही है तो कहीं वर्षा की कमी देखने को मिल रही है। वायु प्रदूषण और घटते हरित क्षेत्र भी चिंता के विषय हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय असंतुलन को दूर करने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। जब तक बड़े स्तर पर पौधे नहीं लगाए जाएंगे और उनका संरक्षण नहीं किया जाएगा, तब तक स्वच्छ वातावरण और पर्याप्त ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करना कठिन होगा।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन संभव है। वृक्षारोपण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का अभियान है, जिसमें समाज के हर वर्ग की सहभागिता आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने की क्षमता रखती है। आवश्यकता इस बात की है कि युवाओं को सही दिशा, सकारात्मक सोच और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जाए। जब युवा समाज और राष्ट्रहित के कार्यों से जुड़ेंगे तो देश के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण जैसे जनहित के अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि वृक्षारोपण अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देना समय की मांग है। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने सभी ग्रामीणों से अधिकाधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि हरित और स्वच्छ वातावरण ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा उपहार होगा।
