चंडीगढ़, 3 मई 2026: पंजाब ने वित्तीय प्रबंधन और कर संग्रह के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अप्रैल 2026 में Value Added Tax (VAT) और Punjab State Development Tax (PSDT) के माध्यम से उल्लेखनीय राजस्व वृद्धि दर्ज की है। इस उपलब्धि को राज्य सरकार के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जो न केवल बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था बल्कि मजबूत आर्थिक गतिविधियों को भी दर्शाता है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए वित्त, योजना, आबकारी एवं कराधान मंत्री Harpal Singh Cheema ने बताया कि राज्य को VAT और PSDT के जरिए संयुक्त रूप से लगभग ₹265 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पूरी तरह से बेहतर निगरानी तंत्र, सख्त प्रवर्तन और पारदर्शी कर प्रणाली का परिणाम है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लगातार ऐसे उपाय कर रही है जिससे कर संग्रह प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जा सके और कर चोरी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि एक निष्पक्ष और भरोसेमंद कर व्यवस्था स्थापित करना है।
VAT कलेक्शन में 23% से अधिक की बढ़ोतरी, आर्थिक गतिविधियों का संकेत
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि अप्रैल 2026 के दौरान VAT संग्रह में 23.28% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई है। इस वृद्धि के चलते राज्य को लगभग ₹230 करोड़ की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
उन्होंने कहा कि VAT संग्रह में यह वृद्धि राज्य में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों, बेहतर कर अनुपालन और प्रभावी प्रशासनिक उपायों का परिणाम है। सरकार द्वारा अपनाए गए डेटा-आधारित निगरानी तंत्र और नियमित निरीक्षणों ने कर चोरी को काफी हद तक कम किया है, जिससे राजस्व में यह सकारात्मक उछाल देखने को मिला है।
मंत्री ने यह भी कहा कि VAT जैसे करों में लगातार वृद्धि यह संकेत देती है कि व्यापारिक गतिविधियां मजबूत हो रही हैं और बाजार में स्थिरता बनी हुई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए निगरानी और प्रवर्तन तंत्र को और मजबूत किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार व्यापारियों के साथ सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, ताकि कर संग्रह में पारदर्शिता और स्थिरता बनी रहे।
PSDT में 20% से अधिक ग्रोथ, सख्त निगरानी का असर
VAT के साथ-साथ Punjab State Development Tax (PSDT) में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त मंत्री के अनुसार, PSDT संग्रह में 20.43% की वृद्धि हुई है, जिससे राज्य को लगभग ₹35 करोड़ की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है।
उन्होंने बताया कि यह वृद्धि सख्त निगरानी तंत्र, नियमित जांच और प्रभावी प्रवर्तन नीतियों का परिणाम है। सरकार ने इस क्षेत्र में कर चोरी को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि सरकार ने तकनीक का उपयोग बढ़ाकर कर संग्रह प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया है। डेटा एनालिटिक्स और इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई के जरिए कर चोरी के मामलों की पहचान कर उन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार ईमानदार करदाताओं को हर संभव सुविधा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह संतुलन ही राज्य की कर नीति को प्रभावी और भरोसेमंद बनाता है।
मजबूत राजस्व प्रणाली की दिशा में बड़ा कदम
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि VAT और PSDT में यह वृद्धि राज्य की आर्थिक मजबूती और बेहतर वित्तीय प्रबंधन का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि सरकार आने वाले समय में भी इसी तरह के सुधारात्मक कदम उठाती रहेगी, जिससे राज्य की राजस्व प्रणाली और मजबूत हो सके।
उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर काम कर रही है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि करदाताओं को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की स्थिर और निरंतर वृद्धि राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएगी और विकास कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी।
पंजाब सरकार की यह उपलब्धि न केवल वित्तीय अनुशासन को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि राज्य सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और भविष्य में और बेहतर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
