रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में कथित परीक्षा अनियमितताओं के बीच बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है। आयोग के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। तीनों सदस्यों ने अपना त्यागपत्र राज्यपाल को भेज दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब JPSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर विवाद चल रहा है और उम्मीदवार लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
CID ने पूछताछ के लिए बुलाया था
जानकारी के अनुसार, तीनों सदस्यों के इस्तीफे से पहले CID की ओर से उन्हें सोमवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इसके बाद एक साथ तीन सदस्यों के इस्तीफे की खबर सामने आई।
JPSC में अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद सदस्य के रूप में सूचीबद्ध रहे हैं। तीन सदस्यों के एक साथ इस्तीफे को आयोग के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
JPSC-JSCC उम्मीदवारों ने किया था विरोध
JPSC-JSCC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर उम्मीदवारों की ओर से लगातार विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी बीच उम्मीदवारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से मुलाकात की। बैठक में उम्मीदवारों ने परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ियों और अपनी मांगों को सरकार के सामने रखा।
14वीं JPSC और बैकलॉग भर्तियों की जांच होगी
मुलाकात के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर सरकार ने 14वीं JPSC और 2023-25 की बैकलॉग भर्तियों में सामने आई कथित अनियमितताओं को गंभीरता से लेने का फैसला किया है।
उन्होंने बताया कि मामले को मुख्य रूप से दो स्तर पर देखा जाएगा। पहला, जिन मामलों में आपराधिक गतिविधि की आशंका है, उनकी जांच CID करेगी। दूसरा, अगर मामले में वित्तीय गड़बड़ी या अवैध पैसों के लेन-देन के सबूत मिलते हैं, तो इसकी जांच के लिए ED से भी जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा।
90 दिनों में चार्जशीट दाखिल करने की बात
सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि मामले में तेजी से कार्रवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाई जाएगी। सरकार के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई को जल्द पूरा करने की कोशिश की जाएगी।
परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति
मंत्री ने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसी समस्याएं दोबारा न हों, इसके लिए परीक्षा प्रक्रिया में जरूरी सुधार किए जाएंगे। इसके लिए IIT-ISM, IIM रांची और XLRI के विशेषज्ञों की एक समिति बनाई जाएगी। यह समिति JPSC की भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया में जरूरी सुधारों को लेकर सरकार को सुझाव देगी।
उम्मीदवारों ने CGL परीक्षा रद्द करने की मांग की
बैठक के दौरान छात्र प्रतिनिधियों ने CGL परीक्षा रद्द करने की मांग भी सरकार के सामने रखी। हालांकि, सरकार ने इस मांग पर स्पष्ट किया कि CGL परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आयोजित की गई थी। इसलिए सरकार के पास इस परीक्षा को अपनी ओर से रद्द करने का अधिकार नहीं है।
तीन इस्तीफों से बढ़ी हलचल
JPSC में तीन सदस्यों के एक साथ इस्तीफे और परीक्षा अनियमितताओं की जांच के फैसले के बाद आयोग को लेकर हलचल और बढ़ गई है। अब CID की जांच, संभावित ED जांच और सरकार की ओर से प्रस्तावित सुधारों पर सभी की नजर बनी हुई है।