अमृतसरः शहर के तरनतारन रोड पर स्थित अंतरजामी कॉलोनी में जमीन विवाद के मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम आदेश जारी किया है और पंजाब के DGP को IG रैंक के अधिकारी की अगुवाई में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि इस टीम में अमृतसर के बाहर के अधिकारी होंगे और जांच 30 दिनों के भीतर पूरी करके एक रिपोर्ट तैयार की जानी चाहिए। इसके बाद अंतिम रिपोर्ट 2 हफ्तों के भीतर संबंधित कोर्ट में जमा की जाएगी।
ये आदेश जस्टिस जसजीत सिंह बेदी ने 25 मार्च, 2026 को हरपाल सिंह बनाम पंजाब राज्य और अन्य की सुनवाई के दौरान दिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि 17 सितंबर, 2022 को दर्ज FIR की जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है, जिसके चलते ये निर्देश जारी करने पड़े। अगली सुनवाई 1 जुलाई, 2026 के लिए तय की गई है।
वहीं, हरपाल सिंह UK निवासी अंतरजामी कॉलोनी तरनतारन रोड अमृतसर ने कहा कि अब कोर्ट के आदेश के मुताबिक पूरी फाइल SIT को सौंप दी गई है और जांच उन B-डिवीजन पुलिस थाने के अधिकारियों से वापस ले ली गई है जो पहले इस पर तैनात थे। उन्हें अभी तक यह जानकारी नहीं दी गई है कि SIT में कौन-कौन से अधिकारी शामिल होंगे। हरपाल सिंह ने दावा किया कि उनके पास इस मामले से जुड़े कई सबूत हैं और उन्हें उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच से सच सामने आएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह जमीन उनकी है और पिछले कई सालों से इस पर विवाद चल रहा है। हरपाल सिंह के अनुसार, जब 2022 में यह मामला हुआ था, तो पुलिस ने कार्रवाई भी की थी और उनके साथ मारपीट भी हुई थी। यह मामला लंबे समय तक खिंचता रहा और चार साल बीत जाने के बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब उन्हें न्याय मिलेगा।
दूसरी ओर इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि हाईकोर्ट ने एक SIT गठित करने का आदेश दिया है और अमृतसर के बाहर के IG रैंक के अधिकारी इसकी जांच करेंगे। SGPC हमेशा न्याय के पक्ष में रही है और यदि निष्पक्ष जांच होती है, तो सच्चाई सामने आ जाएगी। धामी ने कहा कि यह जमीन गुरुओं को भेंट की गई है और इस संबंध में जो भी निर्णय लिया जाए, वह कानून और न्याय के आधार पर होना चाहिए।
