जालंधर, ENS: वाल्मीकि संगठनों ने सर्वसम्मति से 27 जुलाई को पूरे पंजाब में बंद रखने का बड़ा आह्वान किया था। इस दौरान विभिन्न वर्गों से एकजुट होकर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बाजार, बंद करने की अपील की थी। वहीं आज नगर निगम दफ्तर खुला हुआ था। जिसके बाद अब नगर निगम दफ्तर को भी बंद कर दिया गया है और कर्मी सर्वसहमति से दफ्तर को बंद करके घरों को वापिस चले गए। वीडियो में देखा जा सकता है कि वाल्मीकि समाज के समर्थन नगर निगम दफ्तर पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने कर्मियों को दफ्तर बंद करने की अपील की। देखते ही देखते कुछ देर बाद दफ्तर को बंद कर दिया गया। ऐसे में आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर सस्पेंड किए डीएसपी सिटी सतवीर सिंह बैंस के खिलाफ वाल्मीकि समाज द्वारा रोष प्रदर्शन किया गया और पटेल चौक पर डीएसपी का पुतला फूंककर बर्खास्त करने की अपील की गई। इससे पहले आज शेखां बाजार, किशनपुरा सहित अन्य बाजार दुकानदारों द्वारा बंद किए गए।
शहर भर में जगह जगह पर पुलिस की नाकेबंदी की गई। मामले की जानकारी देते हुए एसपी आकृषि जैन ने बताया कि वाल्मीकि समुदाय द्वारा आज बंद का आहवान किया गया था। इस दौरान उन्होंने अवगत करवाया कि भगवान वाल्मीकि चौक (ज्योति चौक) पर एकत्रित होकर रोष प्रदर्शन करेंगे। जिसको लेकर मुख्य चौक पर पुलिस फोर्स तैनात की गई है। पुलिस का मकसद है कि यह रोष प्रदर्शन शांतिमय ढंग से हो। ऐसे में कोई लॉ एंड ऑर्डर की समस्याएं ना आए। वाल्मीकि संगठनों ने सर्वसम्मति ने भी आश्वासन दिया है कि वह शांतिमय ढंग से प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान पुलिस ने लोगों से सहयोग देने की अपील की है।
दरअसल, वाल्मीकि समाज के नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और पीड़ित कर्मचारियों को अविलंब न्याय प्रदान किया जाए। पंजाब बंद के मद्देनजर राज्य भर के अलग-अलग जिलों में शांतिपूर्ण रैलियां आयोजित किए जाने की तैयारी की जा रही है। प्रदर्शन के आयोजकों ने सभी समर्थकों और आम लोगों से विशेष अपील की है कि वे इस आंदोलन के दौरान पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीका अपनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान आम जनता को असुविधा न हो और राज्य में कानून-व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए सभी नागरिक जिम्मेदारी के साथ सहयोग करें।

