जालंधर, ENS: अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई की वांटेड सूची में शामिल मंजीत सिंह बेदी को कुछ दिन पहले पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दरअसल, बेदी पर अमेरिका की सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम (SNAP) योजना में करीब 6 लाख डॉलर की धोखाधड़ी करने का आरोप है। आज मनदीप बेदी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां पुलिस ने 2 दिन का रिमांड मांगा था, लेकिन माननीय जज द्वारा मनदीप सिंह बेदी को ज्यूडिशयल कस्टडी में भेज दिया गया है। वहीं मनदीप पुलिस कस्टडी के दौरान खुद को बेकसूर बता रहा था और मीडिया के सामने कहने लगा कि वह जल्द प्रेस वार्ता के जरिए सारे खुलासे करेंगा।
वहीं एडवोकेट ने कहा कि पुलिस ने मनदीप बेदी का दो दिन का रिमांड मांगा था। इस दौरान कोर्ट में दोनों पक्षों की ओर से दलीलें रखी गई। वहीं एडवोकेट ने कहा कि कहा कि शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में मनदीप का कोई जिक्र नहीं किया कि उसने कोई पैसे लेने है। एडवोकेट ने कहा कि पुलिस कोर्ट में मनदीप के खिलाफ कोई सबूत पेश नहीं कर पाई। हालांकि पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद 3 दिन का मनदीप का रिमांड हासिल किया था, लेकिन रिमांड के दौरान भी मनदीप से पुलिस को कुछ बरामद नहीं हुआ। कोर्ट में मनदीप के खिलाफ कोई सबूत नहीं दिखाए।
एडवोकेट ने बताया कि पुलिस के अनुसार रजनी नामक महिला ने ट्रैवल एजेंट नीलम के खिलाफ शिकायत दी थी और उसने नीलम को ही पैसे दिए थे। एडवोकेट ने कहा कि नीलम के बयानों में मनदीप का कोई जिक्र सामने नहीं आया था। उन्होंने कहा कि वह ईलाज करवाने के लिए भारत वापिस आए थे और अपने रिश्तेदारों को बताकर आए थे कि वह 2 माह बाद वापिस आ जाएंगे, लेकिन उससे पहले पुलिस ने मनदीप सिंह बेदी को गिरफ्तार कर लिया। एडवोकेट ने कहा कि एफबीआई द्वारा जारी आदेशों को भी पुलिस दिखा नहीं पाई है। पुलिस के अनुसार अमेरिका में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहा बेदी कथित तौर पर कनाडा के रास्ते भारत भाग आया था। अब उसकी गतिविधियों और नेटवर्क की विस्तृत जांच की जा रही है।