बिजली विभाग पर लगाए लापरवाही के आरोप
जालंधर, ENS: रेलवे कालोनी के अंदर रेलवे क्वार्टर में आग लग गई। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग को पहले भी कई बार तारों को बदलने के लिए पत्र लिखे गए थे, लेकिन उनके गैर मौजूदगी में बड़ी केबल तार डालकर बिजली विभाग के कर्मी चले गए। जिसके बाद आज शार्ट सर्किट के कारण 255 नंबर क्वार्टर में आग लग गई। मामले की जानकारी देते हुए रेलवे मैनेजर जगदीप सिंह ने बताया कि उसके क्वार्टर में आज आग लग गई। मैनेजर के अनुसार क्वार्टर की छत पर बिजली का जंजाल पड़ा हुआ है। इस तारों से शार्ट सर्किट होने से क्वार्टर में आग लग गई।
पीड़ित ने कहाकि वह बिजली विभाग को कई बार तारों के जंजाल को लेकर शिकायतें दे चुके है, लेकिन माता की मौजूदगी में बड़ी केबल की तार डालकर बिजली विभाग के कर्मी चले गए। वहीं आज उनके क्वार्टर में शार्ट सर्किट के कारण आग लग गई और लाखों का सामान जलकर राख हो गया। पीड़ित के अनुसार तारें काफी कमजोर है और वह डेढ साल से तारों को लेकर विभाग को शिकायतें दे रहे है।
पीड़ित ने कहाकि सरकारी क्वार्टरों का हाल काफी खराब हो गया है और काफी कालोनियां कडंम हो गई है, लेकिन फिर भी लाइट नहीं आती। घर में माता अकेले मौजूद थे और माता शुगर की मरीज है। ऐसे में अगर उनकी मां को कुछ हो जाता तो कौन जिम्मेदार होता। आज भी आग लगने के बाद उनके द्वारा विभाग को सूचना दी गई तो विभाग के कर्मियों का कहना था कि वह खाना खा रहे है और वह कर्मी को घटना स्थल पर भेज देते है। पीड़ित ने कहाकि वह क्वार्टर में काफी किराया भर रहे है, लेकिन फिर भी कोई मेनटेंनस नहीं है। पीड़ित ने कहाकि सारा नया सामान बनाया था और उसने घर शिफ्ट करना था ,लेकिन सारा सामान जलकर राख हो गया।
उधर, बिजली विभाग के कर्मी घटना स्थल पर पहुंचे और कहा कि उनकी टीम को 3 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। जिसके बाद कर्मी घटना स्थल पर पहुंचे और आग पर काबू पा लिया गया। इस दौरान जब उनके साथ 9 जून 2025 में लिखे पत्र में कनेक्शन को अलग करने का जिक्र किया था। अधिकारी का कहना है कि उन्हें कुछ ज्यादा जानकारी नहीं है। इस दौरान पत्र में रिसीविंग भी पीड़ित द्वारा दिखाई गई। अधिकारी ने कहाकि वह नवंबर में जालंधर में नए पद पर तैनात हुए है, लेकिन पिछले अधिकारी के दौरान क्या हुआ है, इसके बारे में पॉवर हाउस से पता चल पाएगा।