जालंधरः महानगर के मॉडल टाउन इलाके में गुरुद्वारा साहिब के पास हुए चर्चित प्रॉपर्टी डीलर लक्की ओबेरॉय हत्याकांड में अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में गुस्सा है। इसी के विरोध में परिवार और स्थानीय लोगों ने कैंडल मार्च निकाला।
मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि लक्की ओबेरॉय समाजसेवी व्यक्ति थे और लोगों के काम करवाने में मदद करते थे। उन्होंने यह भी कहा कि वह आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता थे, लेकिन उनकी हत्या के बाद भी अभी तक असली अपराधियों को नहीं पकड़ा गया है।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
लक्की ओबेरॉय के भाई ने आरोप लगाया कि उनके भाई की हत्या पहले से साजिश बनाकर करवाई गई। उन्होंने कहा कि एक नौकर से पहले रेकी करवाई गई और जब लक्की गुरुद्वारे में माथा टेकने गए, तभी उन्हें गोलियां मार दी गईं। उन्होंने बताया कि उनका भाई नशे (चिट्टा) के खिलाफ आवाज उठाता था। आरोप है कि कुछ लोगों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से उनके भाई के नकली वीडियो बनाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की।
असली आरोपी नहीं पकड़े गए
परिवार का कहना है कि पुलिस ने असली आरोपियों को नहीं पकड़ा है। लक्की के भाई के अनुसार, नौकर को जानबूझकर पहले गिरफ्तार किया गया ताकि मामले को दबाया जा सके, जबकि अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को सिर्फ दिखावे की कार्रवाई बताया।
पत्नी ने रोते हुए मांगा इंसाफ
कैंडल मार्च में लक्की ओबेरॉय की पत्नी भी मौजूद थीं। उन्होंने रोते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ इंसाफ चाहिए। इस मार्च में शहर के सैकड़ों लोग शामिल हुए और सभी ने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की।
CBI जांच की मांग
कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने पंजाब सरकार और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने इस केस की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) से करवाने की मांग उठाई ताकि सच सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके।
