इजराइल ने ईरान पर बड़े सैन्य हमले किए हैं। इन हमलों में ईरान के रक्षा मंत्री आमिर नासिरजादेह और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडर मोहम्मद पाकपोर की मौत हुई है। बताया जा रहा है कि ये हमले काफी सटीक और योजनाबद्ध थे। इजराइल ने ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
मोहम्मद पाकपोर को कैसे मिली थी IRGC की कमान?
मोहम्मद पाकपोर को IRGC की कमान जून 2025 में सौंपी गई थी। इससे पहले IRGC के प्रमुख हुसैन सलामी थे। जून 2025 में जब ईरान और इजराइल के बीच युद्ध की शुरुआत हुई थी, तब इजराइल ने एक हमले में हुसैन सलामी को मार गिराया था। इसके बाद पाकपोर को संगठन की जिम्मेदारी दी गई थी।
सुप्रीम लीडर और राष्ट्रपति को भी बनाया गया निशाना
एक इजराइली अधिकारी के मुताबिक, आज सुबह हुए हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन सहित कई बड़े नेताओं को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन दोनों नेताओं के बारे में अभी तक किसी आधिकारिक मौत या घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है।
ऑपरेशन “रोरिंग लायन” के तहत सैकड़ों ठिकानों पर हमला
इजराइली सेना इजराइली रक्षा बल (IDF) ने इन हमलों को “ऑपरेशन रोरिंग लायन” नाम दिया है। IDF ने दावा किया है कि इस ऑपरेशन के तहत पश्चिमी ईरान में सैकड़ों सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया। सेना ने हमलों का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें मिसाइल और हवाई हमले देखे जा सकते हैं।
ईरान का जवाबी हमला: कई देशों में अमेरिकी ठिकाने बने निशाना
इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरान ने क्षेत्र के कई देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है।
बहरीन में मिसाइल हमला
ईरान ने बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया।
कतर में अमेरिकी बेस खाली कराया गया
कतर में स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने अपने सैन्य ठिकाने को खाली करवा लिया। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे को भी निशाना बनाया। इसके अलावा कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी ईरान ने जवाबी हमला किया है।