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कजाकिस्तान के शैक्षणिक संस्थानों के औद्योगिक भ्रमण से आईटीआई प्रशिक्षुओं को मिला वैश्विक आधुनिक विनिर्माण का अनुभव

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शिमला: प्रदेश के विभिन्न राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के चयनित 30 प्रशिक्षुओं के दल ने आज कजाकिस्तान के अल्माटी मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी तथा एलीना ग्रुप के औद्योगिक परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान अल्माटी मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक संवाद सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार युवाओं को विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा, आधुनिक उद्योगों, अनुसंधान एवं नवाचार तथा अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति की जानकारी प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर कार्यक्रम प्रशिक्षुओं में तकनीकी दक्षता, नवाचार, नेतृत्व क्षमता, व्यावसायिक उत्तरदायित्व एवं वैश्विक दृष्टिकोण का विकास करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कजाकिस्तान के साथ यह शैक्षणिक साझेदारी प्रशिक्षुओं को भविष्य में उत्कृष्ट तकनीशियन, सफल उद्यमी एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पेशेवर बनने के लिए प्रेरित करेगी। यह एक्सपोजर विजिट हिमाचल प्रदेश की तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।

शैक्षणिक संवाद के प्रथम सत्र में मॉनिटरी इकनोमिक्स विषय पर वैश्विक अर्थव्यवस्था, मौद्रिक नीति, केंद्रीय बैंकों की भूमिका, मुद्रास्फीति नियंत्रण तथा आर्थिक विकास में वित्तीय प्रणाली के महत्त्व पर चर्चा की गई। चर्चा में विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी देश की आर्थिक प्रगति में प्रभावी मौद्रिक नीति एवं सुदृढ़ वित्तीय तंत्र की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। दूसरे सत्र में हैड ऑफ एजुकेशन एण्ड इंटरनेशनल प्रोजैक्टस आइगेरिम सागिन्तायेवा ने क्रॉस कल्चरल कम्यूनिकेशन एथिक्स एण्ड प्रोफैशनल रिसपोंसिबिलिटी विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने वैश्विक कार्यस्थलों में प्रभावी संवाद, विभिन्न संस्कृतियों के साथ सामंजस्य स्थापित करने की क्षमता, व्यावसायिक नैतिकता, नेतृत्व, उत्तरदायित्व तथा टीमवर्क के महत्त्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ प्रभावी संचार कौशल एवं नैतिक मूल्यों का विकास भी अत्यंत आवश्यक है।

सस्टेनेबल इंजीनियरिंग एण्ड इन्डस्ट्रियल लैंड स्केप विषय पर दिमित्री पाक ने व्याख्यान प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने बताया कि भविष्य का औद्योगिक विकास केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा दक्षता, पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, कार्बन उत्सर्जन में कमी, हरित प्रौद्योगिकी, इंडस्ट्री 4.0, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग तथा सतत विकास के सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए। इसके उपरान्त, प्रशिक्षुओं ने एलीना ग्रुप अल्माटी के आधुनिक औद्योगिक संयंत्र निर्माण सामग्री, ड्राई-मिक्स मोर्टार, पेंट एवं कोटिंग्स के निर्माण, गुणवत्ता परीक्षण, स्वचालित उत्पादन प्रणाली, आधुनिक पैकेजिंग तथा गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त की। यहां संयंत्र के विशेषज्ञों ने प्रशिक्षुओं को उत्पादन प्रक्रिया में स्वचालन अनुसंधान एवं विकास, औद्योगिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा संसाधनों के कुशल उपयोग की आधुनिक कार्य प्रणालियों की विस्तृत जानकारी दी।

अल्माटी मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी द्वारा एक गरिमामयी दीक्षांत एवं प्रमाण-पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर कार्यक्रम में सफलतापूर्वक भाग लेने वाले सभी प्रशिक्षुओं को तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी तथा अल्माटी मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी के प्रबंधन द्वारा सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। समारोह में दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भारत और कजाकिस्तान के बीच तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान एवं छात्र-शिक्षक आदान-प्रदान को भविष्य में और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।

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