नई दिल्लीः भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ खेली जाने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए टीम का एलान कर दिया है। इस टीम में दो खिलाड़ियों को पहली बार जगह मिली है। वहीं वनडे डेब्यू कर प्रभावित करने वाले गुरनूर बराड़ को भी टेस्ट टीम में जगह मिली है। अफगानिस्तान के खिलाफ उन्होंने वनडे डेब्यू किया था और फिर इंग्लैंड भी गए थे। अब वह श्रीलंका भी जाएंगे, लेकिन जर्सी का रंग अलग होगा। वहीं सारांश जैन को भी पहली बार टेस्ट टीम में मौका मिला है। मध्य प्रदेश से आने वाले इस ऑलराउंडर ने लगातार प्रभावित किया है।
उनको सुंदर की जगह टीम में जगह मिली है। सारांश ऑफ स्पिनर हैं और बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। सीरीज से पहले, टीम 7 अगस्त से कोलंबो में 4 दिनों का एक प्रैक्टिस मैच खेलेगी। वॉशिंगटन सुंदर का नाम टीम में नहीं है। शुभमन गिल की अगुवाई में भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका के दौरे पर जाने वाली है। दोनों टीमों के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी, जिसका आगाज 15 अगस्त से होना तय है। बीसीसीआई की ओर से आज यानी 28 जुलाई को 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया गया है। लाल गेंद के खेल में बदलाव के दौर से गुजर रही भारतीय टीम में सारंश जैन की एंट्री हुई है। वह संभावित रूप से वाशिंग्टन सुंदर की जगह लेते हुए नजर आएंगे जो चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे।
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, जसप्रीत बुमराह, मो. सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार, देवदत्त पडिक्कल और सारांश जैन शामिल हैं। भारतीय टेस्ट स्क्वाड के ऐलान के साथ ही कुछ अहम खिलाड़ियों की स्थिति को लेकर भी अपडेट जारी किया गया है। साई सुदर्शन और जसप्रीत बुमराह की उपलब्धता बीसीसीआई सीओई (BCCI COE) से मिलने वाले फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगी।
बता दें कि इंदौर के रहने वाले सारांश जैन घरेलू क्रिकेट के सबसे कामयाब खिलाड़ियों में से एक हैं। वह ऑफब्रेक गेंदबाजी के साथ ही निचले क्रम में बल्लेबाजी से भी योगदान देने की क्षमता रखते हैं। मुख्य तौर से उन्हें लाल गेंद के खेल का स्पेशलिस्ट माना जाता है। यह उनके आंकड़ों में भी झलकता है। फर्स्ट क्लास में उन्होंने 54 मैचों की 97 पारियों में 188 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया है। वहीं 85 पारियों में 31 की औसत से 2223 रन भी बनाए हैं। खेल के सबसे लंबे फॉर्मेट में सारांश 2 शतक और 14 फिफ्टी लगा चुके हैं। इसके अलावा लिस्ट-ए और टी20 में उन्होंने क्रमश: 38 और 18 विकेट अपने खाते में जोड़े। जैन उन खिलाड़ियों से अलग हैं, जिन्होंने आईपीएल की चकाचौंध से अपना नाम नहीं बनाया। बल्कि घरेलू क्रिकेट के संघर्ष से आगे आए हैं। 33 साल की उम्र में उनके लिए नेशनल टीम के दरवाजे खुले हैं। देखना दिलचस्प होगा कि उनका करियर कैसा गुजरता है।

