खेल डेस्कः भारत की युवा स्टार वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 53 किलोग्राम भार वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन से भारत के पदकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई। इसके साथ ही ज्ञानेश्वरी इस संस्करण में पदक जीतने वाली चौथी भारतीय वेटलिफ्टर भी बन गई हैं। इससे पहले मीराबाई चानू ने गोल्ड, जबकि ऋषिकांत सिंह और राजा मुथुपांडी ने सिल्वर मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया था।
कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर जीता सिल्वर
ज्ञानेश्वरी यादव ने प्रतियोगिता में कुल 199 किलोग्राम वजन उठाया। उन्होंने स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इस मुकाबले में नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडिह ने कुल 206 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता। वहीं कनाडा की रेबेका ग्रौलक्स ने 178 किलोग्राम वजन उठाकर ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
Gyaneshwari Yadav Wins Silver Medal.🇮🇳
The Indian weightlifter clinched the silver medal in the women’s 53kg weightlifting event at the Commonwealth Games in Glasgow, adding another medal to India’s tally. 🥈#Glasgow2026 #Cheer4Bharat pic.twitter.com/FeT6cWNvdJ
— BJP SC MORCHA भाजपा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति मोर्चा (@BJPSCMorcha) July 27, 2026
स्नैच राउंड में दिखाई दमदार शुरुआत
23 वर्षीय ज्ञानेश्वरी यादव ने स्नैच राउंड की शुरुआत शानदार अंदाज में की। उन्होंने अपने पहले प्रयास में 82 किलोग्राम वजन आसानी से उठा लिया। इसके बाद दूसरे प्रयास में 85 किलोग्राम और तीसरे प्रयास में 88 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। इस तरह स्नैच राउंड में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 88 किलोग्राम रहा। हालांकि, इस राउंड के बाद वह पहले स्थान पर नहीं पहुंच सकीं, क्योंकि नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडिह ने 93 किलोग्राम वजन उठाकर बढ़त बना ली थी।
क्लीन एंड जर्क में आखिरी तक चली कड़ी टक्कर
क्लीन एंड जर्क राउंड में ज्ञानेश्वरी ने शानदार शुरुआत करते हुए 103 किलोग्राम वजन उठाया और कुछ समय के लिए लीडरबोर्ड में सबसे ऊपर पहुंच गईं। लेकिन नाइजीरिया की डिडिह ने अपने पहले प्रयास में 105 किलोग्राम वजन उठाकर फिर से बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद ज्ञानेश्वरी ने दूसरे प्रयास में 107 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया, लेकिन वह फिर भी दूसरे स्थान पर ही बनी रहीं। नाइजीरिया की खिलाड़ी ने अगली कोशिश में 110 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल लगभग पक्का कर लिया।
आखिरी प्रयास में भी दिखाई शानदार हिम्मत
मुकाबले के आखिरी प्रयास में ज्ञानेश्वरी यादव ने पूरा दम लगाते हुए 111 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया और कुल 199 किलोग्राम के साथ प्रतियोगिता समाप्त की। हालांकि उनका यह प्रयास गोल्ड मेडल दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं था, लेकिन उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए सिल्वर मेडल जीत लिया।
छत्तीसगढ़ से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
ज्ञानेश्वरी यादव छत्तीसगढ़ की रहने वाली हैं। उन्होंने कम उम्र में ही वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की और लगातार मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। जूनियर और सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करने के बाद उन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाई। फिलहाल वह पटियाला स्थित नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (NS NIS) में राष्ट्रीय कोचिंग कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण ले रही हैं।
भारत के लिए गर्व का पल
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ज्ञानेश्वरी यादव का यह सिल्वर मेडल भारत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उन्होंने न केवल देश को पांचवां पदक दिलाया, बल्कि यह भी साबित किया कि भारत की नई पीढ़ी की महिला वेटलिफ्टर अंतरराष्ट्रीय मंच पर किसी से कम नहीं हैं। उनके इस प्रदर्शन से आने वाले वर्षों में भारतीय वेटलिफ्टिंग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

