शिमलाः मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से जारी ऑरेंज अलर्ट के बीच राजधानी शिमला समेत सभी जिलों में झमाझम बारिश हुई। लाहौल-स्पीति में बारिश के बीच ट्रक नंबर एचपी-65ए-3396 के सड़क पर फिसलकर गहरे नाले में गिरने से पिता-पुत्र की मौत हो गई, जबकि एक बाइक सवार लापता है। मृतकों की पहचान मंडी जिले के गांव ऊबा, डाकघर डचोरी निवासी लियाकत अली पुत्र शुकरदीन और उनके पुत्र दुरशाद के रूप में हुई है। दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल केलांग भेज दिए गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ट्रक किलिंग सराय से भरतपुर की ओर जा रहा था, तभी वह सड़क पर नियंत्रण खोकर नाले में गिर गया। संबंधित एजेंसियां दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही हैं। मुख्य सचिव केके पंत ने सभी उपायुक्तों के साथ वर्चुअल बैठक कर उन्हें अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने भारी वर्षा, अचानक बाढ़, भूस्खलन या बादल फटने जैसी किसी भी आपात स्थिति पर तुरंत प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने को कहा। संवेदनशील स्थानों की बारीकी से निगरानी करने और राज्य तथा सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। इस बीच, मौसम विज्ञान केंद्र ने वीरवार के लिए पूरे प्रदेश में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। खराब मौसम के मद्देनजर राज्य सरकार ने भी प्रदेश के सभी उपायुक्तों को अलर्ट करते हुए भारी वर्षा, अचानक बाढ़, भूस्खलन या बादल फटने जैसी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। पूरे प्रदेश में बुधवार शाम तक आनी-कुल्लू नेशनल हाईवे समेत 281 सड़कें, 164 पेयजल योजनाएं और 19 बिजली ट्रांसफार्मर ठप रहे।
शिमला में देर रात बादल झमाझम बरसे। वीरवार को भी दोपहर तक बारिश जारी रहने की संभावना। सोलन जिले में शिमला-मटौर नेशनल हाईवे पर दाड़लाघाट के पास भारी भूस्खलन हुआ। इसमें वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। चंबा जिले में सलूणी उपमंडल के बणी गांव में बिजली गिरने से 3 खच्चरों की मौत हो गई। बरसाती पानी ट्राउट मछली के टैंक में घुसने से करीब 5000 मछलियां मर गईं। चंबा में मणिमहेश जाने पर दो दिन के लिए फिर रोक लगा दी गई है। कुल्लू और लाहौल-स्पीति में मंगलवार रात से सुबह तक रुक-रुक कर बारिश जारी रही है। भूस्खलन के कारण आनी-कुल्लू एनएच कारशा में बंद हो गया है।
जाहलमा नाले में आई बाढ़ के बाद बंद मार्ग को सीमा सड़क संगठन ने अस्थायी रूप से बहाल कर दिया है। करीब 48 घंटे बाद यातायात शुरू होने से दोनों ओर फंसे लगभग 400 वाहनों को निकाल लिया गया। कांगड़ा जिले में बुधवार सुबह खराब मौसम के कारण दिल्ली से आने वाली दो उड़ानें हवाई अड्डे पर नहीं उतर सकीं। मंडी जिले में बुधवार तड़के बारिश से सराज और थलौट मंडलों में भूस्खलन से कई सड़कें बंद हो गई हैं। ब्यास नदी में जलस्तर बढ़ने पर पंडोह बांध से 26 हजार क्यूसिक पानी छोड़ने का अलर्ट है। सिरमौर जिले में मंगलवार रात और बुधवार तड़के मूसलाधार बारिश से नाहन-कुमारहट्टी एनएच चट्टान गिरने से कई घंटे बंद रहा। गिरी नदी में जलस्तर बढ़ने पर गेट नंबर पांच से अतिरिक्त पानी छोड़ा गया।

