ऊना,सुशील पंडित: ऊना सदर से कांग्रेस के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पीर निगाह मंदिर के चंदे को लेकर गंभीर सवाल उठाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। रायजादा ने दावा किया कि जब मंदिर का प्रबंधन पंचायत के पास था, तब पांच वर्षों में मंदिर के खाते में करीब 30 लाख रुपये ही जमा हुए। वहीं पंचायत भंग होने के बाद जब जिला प्रशासन ने मंदिर का प्रभार अपने हाथों में लिया, तो मात्र तीन महीनों में सभी खर्चों के बावजूद करीब डेढ़ करोड़ रुपये का चंदा जमा हुआ।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ने इस अवधि में मंदिर के कर्मचारियों के वेतन, पेंशन, आर्थिक सहायता तथा अन्य आवश्यक खर्चों का भुगतान भी किया, इसके बावजूद इतनी बड़ी राशि का जमा होना कई सवाल खड़े करता है। पूर्व विधायक ने कहा कि पहले मंदिर का संचालन पंचायत प्रधान के पास था और अब प्रशासन के कार्यकाल के आंकड़े स्वयं स्थिति को स्पष्ट कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर के चंदे के उपयोग में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और मंदिर समिति के खातों की विस्तृत जांच होनी चाहिए।
रायजादा ने मांग की कि जांच में यह स्पष्ट किया जाए कि मंदिर के चंदे की राशि कहां खर्च की गई, उसका लाभ किसे मिला और वित्तीय लेन-देन किस प्रकार किया गया। उन्होंने कहा कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाती है तो सच्चाई जनता के सामने आ जाएगी।
उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया कि पीर निगाह मंदिर से जुड़े सभी वित्तीय रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं ताकि श्रद्धालुओं और आम जनता का विश्वास बना रहे। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि यह मामला केवल वित्तीय अनियमितताओं का नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और सार्वजनिक धन की पारदर्शिता से भी जुड़ा हुआ है।