ऊना,सुशील पंडित: चिंतपूर्णी सावन मेले में खान-पान का स्टॉल लगाने वाले और लंगर चलाने वाले सभी लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने केवल आयोडीन युक्त नमक का उपयोग करने का सख्त निर्देश जारी किए है। साधारण या बिना आयोडीन वाले नमक का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है।
विभाग ने सभी लंगर आयोजकों और दुकानदारों को निर्देश जारी किए कि भोजन बनाने में केवल आयोडीन युक्त नमक का ही उपयोग करना होगा। क्योंकि आयोडीन शरीर और दिमाग के विकास के लिए बहुत जरूरी है। इससे घेघा (गोइटर) जैसी बीमारियां नहीं होती हैं।
वहीं लंगर वालों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि जब आपका लंगर खत्म हो जाए तब आपने कूड़ा कचरा और बासी खाना इधर-उधर न फैंके व कूड़े वाली गाड़ी को ही दें ,इधर-उधर फेंकने से आवारा पशु और जंगली जानवरों को नुक्सान हो सकता है।
मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें चिंतपूर्णी में दुकानों, ढाबों और लंगरों का निरीक्षण कर रही हैं। विभाग की टीमों ने चिंतपूर्णी मेला क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था की जांच की। खुले में रखे खाद्य पदार्थों और खाद्य तेल की गुणवत्ता की भी जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान टीमों ने दुकानदारों, ढाबा और लंगर संचालकों को हिदायत दी
लंगर संचालकों को खाद्य सामग्री तैयार करने और परोसने वाले स्थानों पर साफ-सफाई बनाए रखने तथा खाद्य पदार्थों को ढककर रखने की हिदायत भी दी गई। विभाग की टीमों में एमएचएस मोहनलाल, यशवंत सिंह, महिंद्र सिंह, तखविंद्र कुमार और हरभजन सिंह लंगर संचारकों को जलेबी इत्यादी में रंग ना डालने की हिदायत दी गई।

