देहरादूनः कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई जनसभा के बाद कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान के मुद्दे पर एफआईर दर्ज हो गई है। हल्द्वानी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वकील अंजू की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। दर्ज की गई एफआईआर में जातिगत भेदभाव, सामाजिक अपमान तथा अनुसूचित जाति के व्यक्ति के प्रति घृणा और हीनता का भाव रखने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस के मुताबिक मामले में BNS की धारा 196 और 299 तथा SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(R) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
इसी के साथ मामले की जांच एसपी क्राइम जगदीश चंद्र को सौंपी है। अब जांच अधिकारी शिकायत में लगाए गए आरोपों, घटना से जुड़े वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेंगे। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास होगा कि शुद्धिकरण की कार्रवाई में कौन-कौन लोग शामिल थे। इसके पीछे किसकी भूमिका रही? इसको लेकर भी जांच की जाएगी। अंजू ने कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति, जाति या धर्म के खिलाफ अपमानजनक, भ्रामक या नफरत फैलाने वाली सामग्री की शिकायत नहीं की है। उनका कहना है कि इस मामले को सामान्य बयानबाजी या राजनीतिक मुद्दा कहकर टालना नहीं चाहिए।
शुद्धिकरण का मामला गंभीर था और इसके बाद सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो एडिट करके डाले गए। सोशल मीडिया पर एडिट किए गए वीडियो के जरिए ऐसी सामग्री प्रसारित की गई, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने और लोगों के बीच सामाजिक मतभेद पैदा होने की स्थिति बनी। उनके मुताबिक, वीडियो में ‘अल्लाह हू अकबर’ जैसे भ्रामक शब्द जोड़कर प्रसारित किए गए। उन्होंने कहा कि ऐसे वीडियो सबसे पहले प्रसारित करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर उन्होंने ऐसे वीडियो देखे, जिनसे एक पर्टिकुलर धर्म को टारगेट किया जा रहा था।
साथ ही जातिगत रूप में किसी व्यक्ति को निशाना बनाया जा रहा था। उनके मुताबिक, ऐसी सामग्री से सामाजिक सौहार्द और लोगों के बीच सामाजिक मतभेद की स्थिति पैदा हो रही थी। उन्होंने मामले में 15 अगस्त को तहरीर दी थी। इसके बाद 7 सितंबर को करीब 1:30 बजे FIR दर्ज हुई। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करे। जिन लोगों ने एडिटेड वीडियो के जरिए सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने, जातिवादी विचारधारा प्रस्तुत करने या किसी पर्टिकुलर धर्म अथवा जाति को टारगेट करने का काम किया है, उनकी जांच होनी चाहिए।