फिरोजपुरः शहर में कौमी इंसाफ मोर्चा द्वारा दी गई पंजाब बंद की कॉल का असर देखने को मिल रहा है। जहां अकाली दल अमृतसर और अकाली दल वारिस पंजाब दे पार्टी सहित पंजाब समेत कई सिख संगठनों द्वारा नेशनल हाईवे जाम कर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, वहीं बाजार बंद के साथ-साथ शिक्षण संस्थान भी बंद नजर आ रहे हैं और बैंक भी पूरी तरह से बंद रखे गए हैं। इस संबंध में संगठनों के नेताओं का कहना है कि लंबे समय से केंद्र सरकार सिखों के साथ अन्याय करती आई है और जो बंदी सिंह अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, उन्हें जानबूझकर जेलों में बंद करके रखा गया है।
लेकिन अब वे मजबूती से केंद्र की इन सिख विरोधी नीतियों का सामना करेंगे और बंदी सिंहों की रिहाई तक इस तरह के मोर्चे लगते रहेंगे। बता दें कि कौमी इंसाफ मोर्चा लंबे समय से जेलों में बंद बंदी सिंहों की रिहाई की मांग उठा रहा है। इसके साथ ही जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने और 15 अगस्त को चंडीगढ़ में प्रदर्शन के दौरान दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने की मांग भी की जा रही है। 15 अगस्त के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। इसके बाद मोर्चे ने 21 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान किया।

