गुरुग्रामः साइबर ठगी का उपयोग करके लोगों को धोखा देने और उनकी कमाई उड़ाने के आए दिन नए मामले सामने आते है। जिसमें लोगों को डिजीटल अरैस्ट, वीडियो कॉल, आवाज बदलकर बात करना या अपना करीबी बताकर ठगी करना आदि मामले सामने आते रहते है। ऐसा ही एक नया मामला गुरुग्राम में भी आया है, जहां लड़िकयां फर्जी कॉल सेंटर चलाती थी और लोगों को वजन कम करने के नाम पर चूना लगाती थी।
साइबर सिटी में पुलिस ने इस मामले में छापेमारी कर तीन युवतियों को गिरफ्तार किया है, जिनसें 102 मोबाइल, 150 सिम कार्ड और 12 लैपटॉप बरामद हुए हैं। साइबर अपराध थाना पश्चिम की टीम ने उद्योग विहार फेज पांच में कार्रवाई की है।
इंस्पेक्टर संदीप कुमार की टीम ने कार्रवाई करते आरोपित क्यूरेस्ट साइंस एंड वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर हर्बल दवाओं के विज्ञापन चलाते थे। विज्ञापन पर क्लिक करते ही कॉल सेंटर से फोन आ जाता था।
कॉल सेंटर से गिरफ्तार महिलाएं खुद को डॉक्टर, डायटीशियन और ब्यूटीशियन बताकर लोगों को झांसे में लेती थीं। दवा से वजन न घटने पर 100 प्रतिशत रिफंड का वादा करते, फिर नंबर ब्लॉक कर दिया जाता था।
जांच में सामने आया कि गैंग ने कई महीनों तक गुजरात में लोगों को इसी तरह फंसाया और करोड़ों रुपए ठगे। हरियाणा, दिल्ली, यूपी समेत कई राज्यों के लोगों को भी निशाना बनाया गया। ये आरोपित एक कंपनी की तरह पूरे नेटवर्क को चला रहे थे। कर्मचारियों के नाम पर लिए सिम से कॉल की जाती थी।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मंदीप, नेहा और वर्षा के रूप में की गई। इनके अन्य साथियों की तलाश जारी है। पुलिस ने सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
वहीं पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले वजन घटाने, लोन या इनाम वाले विज्ञापनों पर आंख बंद कर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल की जानकारी 1930 पर दें। पुलिस टीम बरामद इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।

