चंडीगढ़- हरियाणा सरकार भविष्य की अर्थव्यवस्था और बदलती औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य में आधुनिक, तकनीक आधारित और उद्योग उन्मुखी कौशल विकास प्रणाली तैयार करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ग्रीन टेक्नोलॉजी, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल स्किलिंग और उद्योग आधारित व्यावसायिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में बड़े सुधार लागू करने की तैयारी कर ली है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज यहां कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य के स्किलिंग इकोसिस्टम में किए जा रहे व्यापक सुधारों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ये पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ’‘विकसित भारत 2047’’ के विजन के अनुरूप युवाओं को भविष्य की रोजगार जरूरतों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। बैठक में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के आधुनिकीकरण, एआई एवं उभरती तकनीकों से जुड़े नए पाठ्यक्रम शुरू करने, प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निगरानी मजबूत करने तथा उद्योग उन्मुखी कौशल तंत्र विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। रस्तोगी ने कहा कि हरियाणा भविष्य उन्मुखी कौशल सुधारों और तकनीक आधारित व्यावसायिक शिक्षा को लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में है।
बैठक में आईटीआई के आधुनिकीकरण, एआई एवं नई तकनीकों से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू करने, प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने तथा उद्योग उन्मुख कौशल प्रणाली विकसित करने पर चर्चा की गई। राज्य सरकार सरकारी कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए अप-स्किलिंग पर भी काम कर रही है। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रिन्यूएबल एनर्जी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में नए पाठ्यक्रम भी शुरू करने की योजना है।
बैठक में बताया गया कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के माध्यम से विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों में कार्यरत 7,000 से अधिक अनुबंध कर्मचारियों को हरियाणा कौशल विकास मिशन (एचएसडीएम) द्वारा हरियाणा नॉलेज कॉरपोरेशन (एचकेसी) के सहयोग से सॉफ्ट स्किल्स और आईटी साक्षरता का प्रशिक्षण देकर अप-स्किल किया जा चुका है। चालू वित्त वर्ष में और कर्मचारियों को इस कार्यक्रम के तहत शामिल किया जाएगा। राज्य सरकार अब ग्रुप-सी और ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए भी डिजिटल दक्षता और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए विशेष अप-स्किलिंग रणनीति तैयार कर रही है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी सप्ताहों में मुख्यालय और जिला स्तर पर ड्राइवरों और चपरासियों के लिए भी कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएं।
भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने उभरती तकनीकों और औद्योगिक जरूरतों पर आधारित एक व्यापक ’स्किल गैप स्टडी’ भी शुरू कराई है। यह अध्ययन स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ फिस्कल मैनेजमेंट (एसजेएचआईएफएम) को सौंपा गया है और इसकी रिपोर्ट जुलाई 2026 के पहले सप्ताह तक आने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि यह अध्ययन राज्य की प्रशिक्षण व्यवस्था को भविष्य के उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप ढालने में मदद करेगा।
