हम, राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) इंडिया क्षेत्र, ज़ोन-II के पीठासीन अधिकारी, चंडीगढ़ में 9 जून 2026 को आयोजित ज़ोनल सम्मेलन में निम्नलिखित संकल्पों को स्वीकार करते हैं।
संकल्प 1
आउटरीच कार्यक्रम और जन-जागरूकता पहल के माध्यम से विधि निर्माताओं और नागरिकों के बीच निकटता सुदृढ़ करना जिसका उद्देश्य संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देना और तकनीक का ज़िम्मेदारी से उपयोग करना है, ताकि एक ऐसा समाज निर्मित हो जो जानकार, जागरूक और सशक्त हो तथा ‘विकसित भारत-2047’ के विज़न में प्रभावी योगदान दे सके।
संकल्प 2
निरंतर प्रोफेशनल प्रक्षिशण, बेहतरीन संव्यवहारों के आदान-प्रदान, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और बेहतर अनुसंधान सपोर्ट के माध्यम से विधि निर्माताओं की क्षमता को सुदृढ़ करना। सम्मेलन ने माना कि प्रभावी शासन के लिए जानकार और सक्षम विधि निर्माता आवश्यक हैं।
संकल्प 3
विधायी निगरानी को सुदृढ़ करना, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में जनता का विश्वास बढ़ाना और नीति बनाने व उसे लागू करने में नागरिकों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना।
संकल्प 4
सार्वजनिक सेवा प्रदायगी में पारदर्शिता, कार्य-कुशलता और सुलभता बढ़ाने के लिए डिजिटल तकनीकों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डाटा-आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया के अधिक उपयोग को बढ़ावा देना।
