चंडीगढ़ : हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने आज विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों से ‘विकसित भारत’ कार्यक्रम के चार प्रमुख स्तंभों युवा, गरीब, महिला और किसान के प्रति स्वयं को समर्पित करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित समावेशी एवं विकसित भारत का सपना हमारी सामूहिक राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। राज्यपाल चंडीगढ़ में आयोजित दूसरी कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (सीपीए), इंडिया रीजन ज़ोन-II नॉर्थ ज़ोन सम्मेलन के समापन सत्र में पीठासीन अधिकारियों एवं विशिष्ट प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित रहे
सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र केवल कानून निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सभी को साथ लेकर जवाबदेही सुनिश्चित करना भी शामिल है। इससे सही मायने में जमीनी स्तर पर विकास को गति मिलती है तथा यह सुनिश्चित होता है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा, समय एवं संसाधनों का उपयोग वंचित और कम संसाधन-संपन्न वर्गों को सशक्त बनाने में करें। उन्होंने कहा कि यही वर्ग भारत की दीर्घकालिक विकास रणनीति का मजबूत आधार हैं।
सम्मेलन के दौरान हुई चर्चाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए प्रो. घोष ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने और भविष्य की चुनौतियों को समझने में जागरूक समाज और विधायकों की भूमिका’ विषय पर हुई चर्चाएं ज्ञानवर्धक, दूरदर्शी तथा उच्चस्तरीय रहीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का सार्थक विमर्श लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुदृढ़ बनाता है तथा देश के भविष्य के लिए स्पष्ट दिशा निर्धारित करने में सहायक सिद्ध होता है। राज्यपाल ने लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला के प्रति भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने विभिन्न विधानसभाओं के प्रतिनिधियों को एक साझा मंच पर लाने की महत्वपूर्ण पहल की। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन ने संसदीय लोकतंत्र, विधायी प्रक्रियाओं, लोकतांत्रिक शासन तथा विभिन्न विधानसभाओं के मध्य साझा हितों के विषयों पर विचार-विमर्श का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।
प्रो. असीम कुमार घोष ने सभी सहभागी प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे सम्मेलन से प्राप्त सुझावों, सिफारिशों एवं विचारों को अपनी-अपनी विधानसभाओं तथा संस्थानों तक पहुंचाएं और एक समावेशी एवं समृद्ध ‘विकसित भारत’ के निर्माण में सार्थक योगदान दें। सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए हरियाणा विधानसभा तथा उसके अध्यक्ष श्री हरविंद्र कल्याण को बधाई देते हुए राज्यपाल ने प्रतिनिधियों के लिए की गई उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना की, जिन्होंने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लोक सभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सभी विधान सभा संस्थाओं में जनता की भागीदारी, टेक्नोलॉजी का उपयोग, कानून और नीतियां बनाने में जनता की भागीदारी और समाज में जागरूकता बढ़ाने पर कार्य करेंगे तभी विकसित भारत का सपना साकार होगा। नई ऊर्जा और नया सामर्थ पर कार्य करते हुए विकसित भारत के रोडमैप में भागीदारी बढ़ाएंगे। कॉन्फ्रेंस में लिये गये इन चार संकल्पों पर कार्य करेंगे। इसके अलावा समाज के अंतिम व्यक्ति को लाभ दिलाना हमारी जवाबदेही होगी। इस प्रकार राज्यों की संस्थाओं में समाज की भागीदारी बढ़ाने का कार्य करेंगे जिसमें महिलाओं और युवाओं की अधिक भागीदारी होनी चाहिए। संविधान का विचार हर व्यक्ति तक पहुंचाने में अग्रणीय होकर कार्य करेंगे जिससे देश व राष्ट्र के प्रति सभी को दायित्व का बोध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं पर खरा उतरने का कार्य करेंगे।
विकसित भारत का सपना मजबूत संस्था पर टीका हुआ है। इसलिए इनके बजट आवंटन में सहयोग करेंगे। जनता का विश्वास जीतने के लिये पूरी गंभीरता से समाज में जागरूकता और भागीदारी पर सभी प्रतिनिधि बल देंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान बदलाव के समय में जनता से संवाद बढ़ा कर ही विकसित भारत की नींव को मजबूती दी जा सकती है। राजसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने भी कॉन्फ्रेंस के बारे में विस्तार से अवगत करवाया। हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ कृष्ण लाल मिड्ढा ने राज्यों से आये जन प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। कॉमनवेलथ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन इंडिया रीज़न नॉर्थ जोन- 11कॉन्फ्रेंस के समापन अवसर पर ए आई पर प्रेजेंटेशन दिखाई गई।
