चंडीगढ़: पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को मजबूत करने के उद्देश्य से हरियाणा के सभी जिलों में जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में प्रदेश के मंत्री, सांसद, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करते हुए पौधारोपण किया और लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनका संरक्षण करने का संदेश दिया।
जींद में हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज पूरे विश्व के लिए बेहद जरूरी है। जलवायु परिवर्तन, बढ़ता प्रदूषण, भूजल स्तर में गिरावट तथा लगातार घटता वन क्षेत्र मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण करे और लगाए गए पौधों की वृक्ष बनने तक पूरी देखभाल सुनिश्चित करे।
सोनीपत में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि पेड़-पौधे हमारे जीवन का आधार हैं और पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने में इनकी अहम भूमिका है। बढ़ते प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच पौधारोपण और पौधों का संरक्षण समय की आवश्यकता है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान लोगों को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।
रोहतक में हरियाणा के सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित किये जा रहे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का बहुत गहरा मतलब है। जिस तरह एक माँ अपने बच्चों का संरक्षण करती है, उसी तरह धरती माँ भी पेड़ों की देखभाल करती है। कोविड संक्रमण के दौरान देश में ऑक्सीजन की कमी महसूस की गई थी। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री की गंभीर सोच है तथा उन्होंने इसी सोच के तहत ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने का आह्वान किया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी प्रदेश को हरा-भरा बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण को बढ़ावा दे रहे है।
कैथल में हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने कहा कि पर्यावरण का शुद्ध होना हम सभी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधारोपण करना चाहिए और लगाए गए पौधों की नियमित रूप से देखभाल भी सुनिश्चित करनी चाहिए। हमें स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना होगा।
बहादुरगढ में राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि भारत वर्ष युवाओं का देश है और आज पर्यावरण संरक्षण भविष्य से जुड़ा विषय है, इसे आगे बढ़ाना युवाओं की जिम्मेदारी है। युवाओं से पौधारोपण को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे निरंतर अभियान बनाने का आह्वान किया। भारतीय संस्कृति में वृक्षों को सदैव पूजनीय स्थान दिया गया है। वर्तमान समय में पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, प्रदूषण और जल संकट जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में पौधारोपण केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता है।