शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना को एसजेवीएनएल से वापस लेगी और इसके लिए 800 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
इस परियोजना से आसपास के क्षेत्रों में सड़क संपर्क सुविधा सुदृढ़ होगी तथा लोगों और वाहनों की आवाजाही सुगम बनेगी। पुल के निर्माण से नादौन और ज्वालामुखी के बीच निकटतम सड़क मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे आवागमन बेहतर होने के साथ-साथ यात्रा की दूरी कम होगी और स्थानीय लोगों के समय की भी बचत होगी।

ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के लुथान में 150 करोड़ रुपये की लागत से सुखाश्रय परिसर बनाया जा रहा है। वहीं, नादौन में ब्यास नदी के किनारे 400 करोड़ रुपये की लागत से रिवर फ्रंट विकसित किया जा रहा है। यहां ब्यास आरती भी शुरू की जाएगी। अमतर के पास जल्द ही एक और पुल बनाया जाएगा और जिले की सभी सड़कों को डबल लेन करने का काम किया जा रहा है।

इस अवसर पर ज्वालामुखी के विधायक संजय रतन ने कहा कि सधोड़ा पत्तन पुल का शिलान्यास नादौन और ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्रों के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्रों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन पुल का निर्माण शुरू नहीं हो पाया। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुल दोनों क्षेत्रों के बीच सेतु का काम करेगा और इससे नादौन के साथ-साथ ज्वालामुखी तथा सुजानपुर क्षेत्र के लोगों को भी लाभ मिलेगा।