नई दिल्लीः कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अपशब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप में एक महिला के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि केवल गाली देना अपने आप में अपराध नहीं माना जा सकता और इस मामले में कार्रवाई को लेकर दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं। दीपके ने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ नेताओं और आईटी सेल से जुड़े लोगों द्वारा भी कई बार विरोधियों के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन उनके खिलाफ वैसी कार्रवाई देखने को नहीं मिली। उन्होंने कहा कि कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए और किसी भी मामले में पक्षपात की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
दीपके ने पूछा कि क्या देश में अलग-अलग लोगों के लिए अलग कानून हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की टिप्पणी के आधार पर एफआईआर दर्ज की जा रही है, तो उन मामलों में भी समान कार्रवाई होनी चाहिए जहां राजनीतिक नेताओं या सोशल मीडिया पर सक्रिय लोगों द्वारा आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। सीजेपी की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो में दीपके ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि अपशब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप में एक महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने पूछा कि अन्य मामलों में ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
दीपके ने कहा, “अगर गाली-गलौज के लिए मामले दर्ज किए जा रहे हैं, तो भाजपा की आईटी सेल से जुड़े उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी, जो वर्षों से सोशल मीडिया पर महिलाओं के लिए अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं?” उन्होंने आरोप लगाया कि कानून का इस्तेमाल चयनात्मक तरीके से नहीं होना चाहिए और सभी नागरिकों के लिए एक समान मानदंड लागू होने चाहिए। दीपके ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या देश में दो तरह के कानून लागू हैं, जहां कुछ मामलों में तत्काल कार्रवाई होती है जबकि अन्य मामलों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। दीपके ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर खुद को भाजपा समर्थक बताने वाले कई यूजर्स वर्षों से महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग महिलाओं और लड़कियों के प्रति असम्मानजनक व्यवहार करते हैं, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती।
उन्होंने सवाल किया कि यदि गाली-गलौज के लिए मामले दर्ज किए जा रहे हैं, तो ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई कब की जाएगी। सीजेपी प्रमुख ने भाजपा नेताओं की कुछ पुरानी टिप्पणियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल भाजपा की आईटी सेल तक सीमित नहीं है। दीपके ने भाजपा सांसद Ramesh Bidhuri का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने एक साथी सांसद के लिए जिन शब्दों का इस्तेमाल किया था, वह सभी को याद है। उन्होंने सवाल उठाया कि उस मामले में वैसी कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई जैसी अब की जा रही है। दीपके ने आरोप लगाया कि कानून का पालन सभी नागरिकों और राजनीतिक दलों के नेताओं पर समान रूप से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि चयनात्मक कार्रवाई से निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं और इससे यह धारणा बनती है कि अलग-अलग लोगों के लिए अलग मानदंड अपनाए जा रहे हैं।
