नई दिल्लीः केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब भाजपा नेतृत्व को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पूरी ताकत झोंकने का संदेश देते सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी करने को कहा है।
दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक में शाह ने पार्टी नेताओं को जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर लोगों का विश्वास जीतने और भाजपा की नीतियों को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।
बैठक की अध्यक्षता अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने की। करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में पंजाब की राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में पंजाब की बढ़ती कर्ज स्थिति, नशे की समस्या, कानून-व्यवस्था, धार्मिक परिवर्तन और मिट्टी की सेहत जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे। भाजपा नेतृत्व ने कहा कि पंजाब को मौजूदा आर्थिक संकट से बाहर निकालना केंद्र सरकार और पार्टी की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
सूत्रों के अनुसार अमित शाह ने कहा कि पंजाब को उसके हाल पर नहीं छोड़ा जा सकता और राज्य को फिर से उसकी पुरानी पहचान और समृद्धि दिलाने की जरूरत है। बैठक में स्वीकार किया कि पंजाब में भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती लोगों का भरोसा जीतना है। शाह और नितिन नबीन ने पार्टी कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने और पार्टी के दृष्टिकोण को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने को कहा।
बैठक में ‘डबल इंजन सरकार’ की अवधारणा पर भी जोर दिया गया। नेताओं का कहना था कि पंजाब को विकास की नई दिशा देने के लिए केंद्र और राज्य में एक ही विचारधारा की सरकार की आवश्यकता है। बैठक में भाजपा ने पंजाब में अपने व्यापक जनसंपर्क अभियान की शुरुआत कर दी है।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन 20 से 22 जून तक पंजाब के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह लुधियाना और अमृतसर में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और सीमावर्ती क्षेत्र में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।
बैठक से पहले अमित शाह ने पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर राज्य की मौजूदा स्थिति और चुनौतियों पर चर्चा की। बैठक में पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल ढिल्लों, सुनील जाखड़, रवनीत सिंह बिट्टू, मनप्रीत सिंह बादल, तरुण चुघ सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
