गाजियाबाद: वैशाली सेक्टर-4 स्थित देविका अपार्टमेंट में टॉप फ्लोर से छज्जा गिरने से 12वीं से लेकर 10वीं मंजिल तक पूरी की पूरी बालकनी भरभराकर नीचे गिर गई। एक के बाद एक तीन मंजिलों की बालकनी गिरने से सोसायटी में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि कोई चोटिल नहीं हुआ, लेकिन नीचे खड़ीं कुछ गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई। बताया गया कि 12वें फ्लोर पर किसी भारी मशीन से काम चल रहा था। सोसायटी पहुंची और मौके पर कि शिकायत मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगे। वैशाली सेक्टर-4 स्थित देविका अपार्टमेंट का निर्माण करीब 27 साल पहले हुआ था।
यहां पर 12 मंजिल के कई टावर हैं। एक टावर के टॉप फ्लोर से छज्जा गिर गया। इस वजह से 12वीं, 11वीं और 10वीं मंजिल की बालकनी पूरी तरह से टूटकर नीचे गिर गई। आसपास के लोगों का कहना था कि काफी तेज आवाज आने से लोग डर गए। लगा कि कोई बिल्डिंग गिरी हो। इससे कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल हो गया। मलबे की चपेट में आकर नीचे खड़ी तीन कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। यहां रहने वाले पूर्व पार्षद एसके भारद्वाज और पार्षद नीलम भारद्वाज ने बताया कि बिल्डिंग का मेंटेनेंस नियमित रूप से होता है। पिछले कुछ समय से 12वी मजिल के एक फ्लैट में रिनोवेशन का काम चल रहा था।
आशंका है कि निर्माण कार्य के दौरान किसी भारी मशीन के इस्तेमाल से छज्जा क्षतिग्रस्त हुआ होगा, जिसके दबाव में नीचे की दो मंजिलो की बालकनी गिर गई। लगातार तीन मजिलों के छज्ने गिरने की घटना ने बिल्डिंग की संरचनात्मक मजबूती पर भी सवाल खड़े कर दिए है। निवासियों ने स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की माग की है। इस संबंध में एओए अध्यक्ष सुमित से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। जब मीडियाकर्मी वहां पहुंचे तो सोसायटी का गेट बंद करा दिया गया। किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई। एओए अध्यक्ष सुमित ने बताया कि अभी बात करने की स्थिति में नहीं है। वहीं, एसीपी सूर्यबली मौर्य ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम को मौके पर भेजा गया था। वहां जाकर जायजा लिया गया, लेकिन किसी ने शिकायत नहीं दी थी।
