नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन वापस लेने के बाद रविवार को दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशन यात्रियों के लिए पूरी तरह खोल दिए गए। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने बताया कि नेटवर्क के सभी स्टेशनों पर प्रवेश और निकास दोनों सेवाएं सामान्य रूप से शुरू कर दी है।
डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में कहा कि दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सभी स्टेशन यात्री सेवाओं के लिए पूरी तरह खुले हैं। सभी स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट की सुविधा उपलब्ध है।
सीजेपी के आंदोलन के दौरान सुरक्षा कारणों से मध्य दिल्ली के कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर कई दिनों तक प्रतिबंध लगाए गए थे। इनमें लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोरबाग, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान और नई दिल्ली स्टेशन शामिल थे। इन पाबंदियों के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन समाप्त होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति की समीक्षा की और केंद्रीय दिल्ली के विभिन्न स्थानों से बैरिकेड हटाए, जिसके बाद सभी स्टेशनों पर सामान्य परिचालन बहाल कर दिया गया। इसी के साथ जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बहाल कर दी गई हैं। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कई दिनों तक इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा रखी थी।
सीजेपी ने कहा कि उसने सरकार की ओर से मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद सद्भावना के आधार पर आंदोलन वापस लेने का फैसला किया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने तय समयसीमा के भीतर सहमत बिंदुओं को लागू करने का भरोसा दिया है।
आंदोलन की समाप्ति ऐसे समय हुई है जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर एक महीने से अधिक समय तक चले विरोध प्रदर्शनों और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के 26 दिन के अनशन के बाद सामने आया।
सीजेपी का दावा है कि सरकार ने नीट अभ्यर्थियों की आत्महत्या करने वाले परिवारों को उचित मुआवजा देने तथा देशभर में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने पर सहमति जताई है।

