CHANDIGARH, 18 जून 2026: आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की छवि को धूमिल करने और राज्य की शांति एवं सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए कथित फर्जी वीडियो मामले को लेकर पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने DGP को दो विस्तृत रिपोर्टें सौंपते हुए वीडियो तैयार करने, प्रसारित करने और उसे सोशल मीडिया पर बढ़ावा देने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में AAP पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, पार्टी के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे।
CM भगवंत मान को बदनाम करने के लिए रची गई साजिश: हरपाल सिंह चीमा
DGP से मुलाकात के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि तीन करोड़ पंजाबियों द्वारा चुनी गई लोकप्रिय सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की साफ-सुथरी छवि से अकाली दल पूरी तरह बौखला गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी खो चुकी राजनीतिक जमीन वापस पाने के लिए अकाली दल अब इस हद तक गिर चुका है कि मुख्यमंत्री को बदनाम करने के लिए फर्जी वीडियो तैयार कर साजिश रच रहा है।
चीमा ने कहा, “यह केवल किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने की कोशिश नहीं है, बल्कि पंजाब के सामाजिक माहौल को खराब करने और लोगों की भावनाओं को भड़काने का प्रयास है। ऐसे घटिया हथकंडों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि अकाली दल का इतिहास पंजाब और पंथ विरोधी गतिविधियों से जुड़ा रहा है। “जब-जब अकाली दल सत्ता में आया है, पंजाब को नुकसान उठाना पड़ा है। पार्टी ने कई बार राज्य और उसके लोगों के हितों के खिलाफ काम किया है,” उन्होंने कहा।
1986 और 2015 की घटनाओं का किया जिक्र
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग 1986 और 2015 की घटनाओं को भूले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 1986 में नकोदर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के बाद न्याय की मांग कर रहे चार युवकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इसी तरह 2015 में बेअदबी की घटनाओं के बाद विरोध प्रदर्शन कर रहे दो युवकों की जान चली गई। चीमा ने आरोप लगाया कि दोनों मामलों में सच्चाई को दबाने और दोषियों को बचाने की कोशिश की गई।
उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार के दौरान गठित जस्टिस गुरनाम सिंह आयोग की रिपोर्ट को भी जानबूझकर दबा दिया गया क्योंकि उससे कई सच्चाइयां सामने आने वाली थीं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों के दौरान भी इस रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया।
वित्त मंत्री ने कहा कि 2015 में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी हुई, प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलियां चलाई गईं और बाद में सबूतों के साथ छेड़छाड़ तक की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच आयोगों की रिपोर्टों में यह बात सामने आई थी कि घटनास्थल से बरामद खाली कारतूसों तक के साथ छेड़छाड़ की गई ताकि वास्तविक दोषियों को बचाया जा सके।
पंजाब की शांति बिगाड़ने वालों को नहीं बख्शा जाएगा
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब में गैंगस्टर संस्कृति को बढ़ावा देने का काम भी अकाली दल ने ही किया था। उन्होंने कहा कि आज जब मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार गैंगस्टरों और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है तो अकाली दल इसे पचा नहीं पा रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी एक बार फिर पंजाब की शांति, भाईचारे और सामाजिक एकता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
AAP प्रतिनिधिमंडल ने DGP से मांग की कि फर्जी वीडियो के मास्टरमाइंड और उसे सोशल मीडिया पर फैलाने वाले सभी लोगों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
चीमा ने कहा कि पंजाब की कानून-व्यवस्था और शांति को बिगाड़ने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। “चाहे साजिश रचने वाला पंजाब में बैठा हो या विदेश में, उसे कानून के दायरे में लाकर जवाबदेह बनाया जाएगा। पंजाब की शांति, भाईचारे और स्थिरता से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा,” उन्होंने कहा।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार राज्य में शांति, सद्भाव और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और इस तरह की साजिशों का डटकर मुकाबला किया जाएगा।
