धर्म: कल सावन का आखिरी सोमवार मनाया जाएगा। ऐसे में इस दिन भगवान शिव की पूजा पूरे दिल के साथ करने से भक्तों को मनचाहा वरदान भी मिलता है। सावन के आखिरी सोमवार को लेकर भक्तों में काफी उत्साह भी है। यदि आपने सावन के पहले सोमवार को पूजा नहीं की या फिर किसी कारण व्रत नहीं रख पा रहे हैं तो आखिरी सोमवार को पूरी श्रद्धा के साथ शिवजी की पूजा करें। इस दिन शिवलिंग पर जल में कुछ चीजें मिलाकर चढ़ाने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। पूजा में सबसे जरुरी चीज श्रद्धा मानी जाती है। यदि कोई व्यक्ति शिवलिंग पर ज्यादा चीजें नहीं चढ़ा सकता तो बेलपत्र के साथ पूजा कर सकते हैं।
आखिर सोमवार पर बनेंगे कई खास संयोग?
पंचागों की मानें तो सावन के आखिरी सोमवार पर एक साथ कई शुभ संयोग भी बनने वाले हैं। इस दिन प्रीति योग, आयुष्मान योग, पवित्रा एकादशी वैष्णव, हंस राजयोग, बुधादित्य राजयोग बनने वाले हैं। यह योग इसलिए बन रहे हैं क्योंकि सिंह राशि में सूर्य बुध की यूति बनने वाली है।
पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
इस दिन शुभ मुहूर्त सुबह 5:55 मिनट से लेकर 7:32 तक रहेगा। इसके अलावा 9:09 से लेकर 10:46 तक शुभ मुहूर्त रहेगा। इसके अलावा दोपहर में 3:38 मिनट से लेकर 5:15 मिनट तक रहेगा।
ऐसा करें भगवान शिव की पूजा
इस दिन सुबह जल्दी उठकर सुबह साफ कपड़े पहनें। पूजा स्थान और शिवलिंग को गंगाजल से शुद्ध करें। भगवान शिव का जल और गंगाजल से अभिषेक करें। शिवलिंग पर दूध, दही, शहद और घी से पंचामृत अर्पित करें। इसके बाद दोबारा साफ जल से अभिषेक करें। भगवान शिव को चंदन और चावल अर्पित करें। ऊं नम: शिवाय का जाप करें और इसके बाद दीपक और धूप जलाकर भगवान शिव की पूजा करें।
24 अगस्त को इस वजह से खास है सावन सोमवार
उत्तर भारतीय पूर्णिमांत पंचागों के अनुसार, 2026 में सावन की शुरुआत 30 जुलाई से हुई है। इसके चार सोमवार 3,10,17 और 24 अगस्त को हैं। ऐसे में 24 अगस्त सावन को अंतिम सोमवार होगा। सावन पूर्णिमा के साथ यह महीना 28 अगस्त को खत्म होने वाला है।

