ऊना, सुशील पंडित: स्वदेशी जागरण मंच जिला ऊना की ओर से शुक्रवार को बनगढ़ स्थित उप सुधारगृह में उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य जेल में सजा काट रहे लोगों को स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की दिशा में प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में स्वदेशी जागरण मंच के जिला पूर्णकालिक प्रशिक्षक सत्य देव शर्मा सहोड़ ने मंच की गतिविधियों और उद्देश्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कौशल और स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने आत्मनिर्भरता को व्यक्ति के पुनर्वास से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
स्वदेशी जागरण मंच के जिला प्रचार प्रमुख पंकज सहोड़ ने जिला प्रशासन और जेल प्रशासन के समक्ष कैदियों के कौशल विकास, स्वरोजगार तथा पुनर्वास को लेकर विभिन्न सुझाव और योजनाएं प्रस्तुत कीं। उन्होंने कहा कि जेल में सजा पूरी करने के बाद बाहर आने वाले लोगों को यदि प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए जाएं तो वे सम्मानपूर्वक समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सनराइज एजुकेशनल सोसाइटी के एमडी महेंद्र पाल डोगरा ने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं और स्थानीय उत्पादों से जुड़कर आय के अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने कौशल को पहचानने और उसे स्वरोजगार के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
बनगढ़ उप सुधारगृह के उप अधीक्षक जगजीत चौधरी ने जेल में संचालित विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुधारगृह में सजा काट रहे लोगों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से कौशल विकास और स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित किया जा रहा है।
सम्मेलन में कैदियों के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। स्वदेशी जागरण मंच ने जेल प्रशासन के सहयोग से भविष्य में भी इस दिशा में आवश्यक गतिविधियां आयोजित करने की बात कही।