2 साल पहले मृतक की हुई थी शादी
गुरदासपुरः फतेहगढ़ चूड़ियां के अधीन आते गांव दादूयोद के सामने झंजियां खुर्द मोड़ पर कार और बाइक की टक्कर में एक नौजवान की मौत हो गई है, जबकि एक सरकारी टीचर समेत 2 व्यक्तियों के घायल होने की खबर है। जानकारी के अनुसार वार्ड नंबर 1 फतिहगढ़ चूड़ियां का रहने वाला सरकारी टीचर सुरिंदरपाल सिंह पुत्र काका राम रोजाना की तरह फतिहगढ़ चूड़ियां से गांव डोगर ड्यूटी पर जा रहा था। जब वह दादूयोद के पास पहुंचे, तो वहां 2 युवक मोटरसाइकिल पर आ रहे थे, जिनकी कार के साथ टक्कर हो गई।
इस टक्कर में मनप्रीत सिंह भिंडर, पुत्र सतनाम सिंह, 22 वर्षीय निवासी गांव घाड़कियां की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि टीचर सुरिंदरपाल सिंह और जतिंदर सिंह पुत्र वीरू, निवासी गांव सरफकोट घायल हो गए। दोनों को फतिहगढ़ चूड़ियां के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। टीचर सुरिंदरपाल सिंह की हालत गंभीर देखते हुए डाक्टरों ने उसे अमृतसर अस्पताल रेफर कर दिया। मृतक मनप्रीत सिंह की मां और पत्नी प्रभजोत कौर और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक का 2 साल पहले विवाह हुआ था और 10 महीने का एक छोटा बेटा है।
हादसे की सूचना मिलते ही थाना फतिहगढ़ चूड़ियां से एएसआई सुखदेव सिंह मौके पर पहुंच गए और घटना का जायजा लिया। एएसआई सुखदेव सिंह ने कहा कि मृतक मनप्रीत सिंह भिंडर के परिवार के सदस्यों के बयान के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर गांव घाड़कियों के सरपंच गुरविंदर सिंह बाजवा ने फतिहगढ़ चूड़ियां के सरकारी अस्पताल के प्रबंधन पर गुस्सा प्रकट करते हुए कहा कि जब वे मृतक मनप्रीत सिंह को अस्पताल लेकर आए थे, तब उसकी मौत नहीं हुई थी।
आरोप है कि घटना के दौरान घायल नौजवान के उपचार के लिए अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि जबकि अस्पताल में फोन कॉल ड्यूटियों में लगी रहती हैं। उन्होंने रोष जाहिर करते हुए कहा कि यदि अस्पताल में डॉक्टर मौजूद होता, तो मनप्रीत सिंह की जान बच सकती थी। उन्होंने मांग की कि फतिहगढ़ चूड़ियां सरकारी अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी डॉक्टर की ड्यूटी हो और ऑन कॉल ड्यूटी खत्म की जाए।