Health Tips: भारतीय रसोई में लहसुन का इस्तेमाल दाल, सब्जी और कई तरह के व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। लेकिन लहसुन केवल खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि इसमें मौजूद कुछ पोषक तत्व और सक्रिय यौगिक सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकते हैं। रोजाना लहसुन की एक कली खाने से ब्लड प्रेशर और बैड कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को स्वस्थ रखने में भी भूमिका निभा सकते हैं।
डॉक्टर सलीम जैदी के अनुसार, लहसुन में एलिसिन नाम का एक सक्रिय यौगिक पाया जाता है। यह शरीर में कई तरह से काम कर सकता है और दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मददगार हो सकता है। हालांकि, लहसुन किसी बीमारी का पक्का इलाज नहीं है। आइए जानते हैं रोजाना लहसुन की एक कली खाने के संभावित फायदे और इसे खाने का सही तरीका।
- हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान लोगों के लिए लहसुन का सेवन कुछ हद तक फायदेमंद हो सकता है। लहसुन में मौजूद एलिसिन और दूसरे सक्रिय यौगिक ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद कर सकते हैं। कुछ अध्ययनों में भी लहसुन के सेवन से ब्लड प्रेशर में मामूली सुधार देखा गया है। हालांकि, केवल लहसुन खाने से ब्लड प्रेशर पूरी तरह नियंत्रित नहीं होता। इसके लिए संतुलित भोजन करना, नमक का सेवन कम रखना, नियमित व्यायाम करना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लेना जरूरी है।
- बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार
लहसुन का सेवन दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। कुछ शोध के अनुसार, नियमित रूप से लहसुन का सेवन करने से कुल कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर में थोड़ी कमी आ सकती है।
बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से धमनियों में वसा जमा होने का खतरा बढ़ सकता है, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का जोखिम बढ़ता है। ऐसे में संतुलित आहार के साथ लहसुन का सेवन कुछ लोगों के लिए मददगार हो सकता है। हालांकि, कोलेस्ट्रॉल में कितनी कमी आएगी, यह व्यक्ति की सेहत और लहसुन के सेवन के तरीके पर निर्भर करता है। इसे कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाओं का विकल्प नहीं मानना चाहिए।
- इम्यून सिस्टम को स्वस्थ रखने में मदद
लहसुन में सल्फर यौगिक और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। ये शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में भूमिका निभा सकते हैं। इसी वजह से लहसुन को सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है।
हालांकि, अभी इस बात के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं कि रोजाना लहसुन की एक कली खाने से सर्दी-जुकाम या दूसरे संक्रमणों से निश्चित रूप से बचाव होता है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने के लिए पौष्टिक भोजन, पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और साफ-सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी है।
लहसुन खाने का सही तरीका क्या है?
डॉक्टर सलीम जैदी के अनुसार, लहसुन को सही तरीके से खाने से इसमें मौजूद एलिसिन बनने की प्रक्रिया को बढ़ावा मिल सकता है। इसके लिए लहसुन की एक कली को छीलकर अच्छी तरह कुचल लें या बारीक काट लें। इसके बाद इसे लगभग 10 मिनट तक खुला छोड़ दें। लहसुन को कुचलने या काटने पर इसमें मौजूद कुछ तत्वों के बीच प्रतिक्रिया होती है, जिससे एलिसिन बनने में मदद मिलती है। इसके बाद आप इसे अपने भोजन के साथ खा सकते हैं। अगर कच्चा लहसुन खाने से पेट में जलन, गैस या परेशानी होती है, तो इसे भोजन में पकाकर इस्तेमाल करना बेहतर हो सकता है।
लहसुन खाते समय किन बातों का रखें ध्यान?
लहसुन सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसका सेवन हर व्यक्ति को एक जैसा फायदा नहीं देता। कुछ लोगों को कच्चा लहसुन खाने से पेट में जलन, गैस, एसिडिटी या मतली की परेशानी हो सकती है।
इसके अलावा, अधिक मात्रा में लहसुन खाने से खून बहने का खतरा बढ़ सकता है, खासकर उन लोगों में जो खून पतला करने वाली दवाएं लेते हैं। अगर आप ऐसी दवाएं लेते हैं या आपकी कोई सर्जरी होने वाली है, तो लहसुन का नियमित रूप से अधिक मात्रा में सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
