नई दिल्ली: सीजेपी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि सीजेपी की नेता ने कोई भी बॉन्ड साइन नहीं किया है। बॉन्ड साइन करने के दावों को उन्होने झूठा बताया। एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए सीजेपी ने लिखा कि – ‘सीजेपी के किसी भी नेता ने ऐसा कोई बॉन्ड साइन नहीं किया जिसमें यह बोला गया हो कि वो अब और विरोध प्रदर्शन नहीं करेंगे। बॉन्ड में शांति भंग न करने की बात भी कही गई है परंतु शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होना एक संवैधानिक अधिकार है इससे कोई भी शांति भंग नहीं होती है’।
Important clarification
No CJP leader has signed any bond that says they will not protest any more. The bond refers to refraining of breach of peace. But participating in a peaceful protest is a Constitutional right and DOES NOT breach peace.
— Cockroach Janta Party – CJP (@Cockroachisback) October 11, 2026
सीजेपी ने दावों का किया खंडन
सुबह ही दिल्ली पुलिस ने सौरव दास, अभिजीत दीपके और आशुतोष रांका को मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया था। इसके बाद उन्होंने डिटेंशन से छोड़ दिया गया। उन्होंने कोर्ट में शांति भंग न करने से जुड़ा एक बॉन्ड भरा है इस पर भी कई तरह के कयास सामने आ रहे हैं। दावा यह किया जा रहा है कि भविष्य में अब ये लोग आंदोलन या प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे परंतु अब इन आरोपों पर सीजेपी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। इससे जुड़ी पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए सीजेपी ने खंडन किया है।
सौरव दास ने मौलिक अधिकारों को लेकर उठाए सवाल
डिटेंशन के बाद बाहर आए सौरव दीपके, आशुतोष रांका, रत्ना सिहं समेत कई लोगों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बताया कि कैसे उनको एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। इस दौरान आशुतोष से लेकर सौरव दास ने सरकार और दिल्ली पुलिस पर जमकर निशाने साधे। उन्होंने यह सवाल भी उठाए कि देश की अदालतों ने तुरंत एक्शन क्यों नहीं लिए। वहीं सौरव दास ने अधिकारों के हनन के लेकर भी सवाल उठाए। आशुतोष ने ज्ञानेश कुमार के बहाने पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को बचाने का अर्थ यही है कि राजा की जान इस समय तोते में अटकी हुई है।
