लुधियाना: जिले में चल रही श्री हनुमंत कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उनके बयान के बाद अलग-अलग समुदायों की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। जिसके बाद विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मीडिया से बात करते हुए अपने बयान पर सफाई दी।
मीडिया से बातचीत के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म या मजहब के खिलाफ बोलना नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके प्रवचन में किसी भी धर्म, रूढ़िवादी सोच या धर्मांतरण कराने की बातों का विरोध किया जाता है।
उन्होंने कहा कि मैंने किसी भी धर्म के बारे में कुछ भी गलत नहीं कहा। उनका कहना था कि लोगों को अपने मंदिरों और गुरुद्वारों को छोड़कर कहीं और जाने की जरूरत नहीं है। धीरेंद्र शास्त्री ने यह भी कहा कि अपने धर्म और धार्मिक विचारों का प्रचार करना गलत नहीं है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वह रूढ़िवादी सोच और ऐसी परंपराओं के खिलाफ हैं, जिनसे समाज को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि देश तभी मजबूत और एकजुट होगा, जब लोग आपस में मिलकर रहें। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि उनकी इच्छा है कि समाज में नशा खत्म हो और धर्मांतरण रुके।
पंजाब को लेकर कही दो बड़ी बातें
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पंजाब को लेकर कहा कि वह राज्य में दो चीजों को खत्म होते देखना चाहते हैं। पहला, पंजाब में नशे की समस्या खत्म हो। दूसरा, धर्मांतरण पर रोक लगे। उन्होंने विशेष रूप से पगड़ीधारी सिख समाज से अपील करते हुए कहा कि जो लोग गुरु ग्रंथ साहिब को मानते हैं, उन्हें किसी के बहकावे में आकर अपना धर्म नहीं बदलना चाहिए। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि पंजाब के सिख भाइयों के साथ वह खड़े हैं। उन्होंने पंजाब में धर्मांतरण नहीं होने देने की बात भी कही। उन्होंने अमृतसर स्थित धार्मिक स्थल का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब में सिख समाज के पास अपनी मजबूत धार्मिक और आध्यात्मिक परंपरा है।
शाही इमाम ने जताया था विरोध
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर पंजाब के शाही इमाम मौलाना उस्मान रहमानी लुधियानवी सानी ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के बयान को आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताया। शाही इमाम ने कहा कि इस तरह के बयानों से अलग-अलग समुदायों के बीच गलत संदेश जा सकता है और समाज में तनाव पैदा हो सकता है।
मौलाना उस्मान रहमानी लुधियानवी सानी ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से अपने कथित विवादित बयान को तुरंत वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि बयान वापस नहीं लिया गया तो वह धीरेंद्र शास्त्री और कथा के आयोजकों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की दिशा में कदम उठाएंगे।