ऊना,सुशील पंडित: जिला पुलिस ऊना की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते घर से लापता हुआ 17 वर्षीय नाबालिग मात्र एक सप्ताह के भीतर दिल्ली से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। खास बात यह रही कि पुलिस के पास न तो नाबालिग का मोबाइल था और न ही उसकी लोकेशन का कोई सुराग। इसके बावजूद पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानव स्रोतों की मदद से लगातार तलाश करते हुए उसे दिल्ली में खोज निकाला।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस थाना सदर ऊना के अंतर्गत एक महिला ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसका करीब 17 वर्षीय बेटा 21 सितंबर 2026 की रात खाना खाने के बाद टहलने के लिए घर से बाहर गया था, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटा। परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी हरसंभव तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए BNS की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद एसआई संजय लखनपाल, अन्वेषणाधिकारी पुलिस थाना सदर ऊना के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर नाबालिग की तलाश शुरू की गई।
पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मानव स्रोतों और विभिन्न संभावित स्थानों पर सत्यापन के आधार पर लगातार जांच आगे बढ़ाई। पुलिस के अथक प्रयासों का परिणाम सामने आया और नाबालिग के दिल्ली में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने 27 सितंबर 2026 को उसे दिल्ली से सुरक्षित बरामद कर लिया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नाबालिग को सुरक्षित ऊना वापस लाया जा रहा है। मामले में पुलिस की आगामी जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है।
गुमशुदा बच्चों की बरामदगी पुलिस की प्राथमिकता
जिला पुलिस ऊना ने कहा कि गुमशुदा बच्चों और अन्य व्यक्तियों की सुरक्षित बरामदगी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे प्रत्येक मामले में पुलिस पूरी संवेदनशीलता, सतर्कता और तत्परता के साथ कार्रवाई करती है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा सजग रहें। यदि कोई बच्चा अथवा अन्य व्यक्ति लापता होता है या किसी संदिग्ध अथवा महत्वपूर्ण गतिविधि की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस के अनुसार गुमशुदगी के शुरुआती समय में दी गई सूचना सुरक्षित बरामदगी में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।