अमृतसरः भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर अमृतसर में श्री दरबार साहिब में माथा टेकने पहुंचे। अपनी यात्रा के दौरान शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के सदस्यों ने खालिस्तान के झंडे दिखाए। पत्रकारों से बात करते पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष इमान सिंह मान ने अमेरिकी राजदूत को सिखों से जुड़े मुद्दों पर एक ज्ञापन सौंपने की योजना का जिक्र किया। सर्जियो गोर की 28 सितंबर को अमृतसर और श्री दरबार साहिब की यात्रा की खबर पहले ही आ चुकी थी।
इमान सिंह मान ने कहा कि अमेरिका ने सिखों की धार्मिक आजादी और अन्य संबंधित मुद्दों पर आवाज उठाई है। उन्होंने गुरपतवंत सिंह पन्नू से जुड़े कथित हत्या की साजिश के मामले का भी जिक्र किया, जिसे अमेरिकी न्याय विभाग ने उठाया है। मान ने कहा कि उनकी मांगों में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करना और सीमावर्ती इलाकों में शांति बनाए रखना शामिल है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित करने की बात कही। उनके अनुसार चूंकि दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं, इसलिए युद्ध की स्थिति पंजाब के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
भारत सरकार के आधिकारिक रिकॉर्ड बताते है कि मई 2025 में ऑपरेशन सिंधु के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य अभियान रोकने पर सहमति बनी थी, सरकार का कहना है कि ये बातचीत दोनों देशों के बीच सीधे सैन्य चैनल के माध्यम से हुई थी।
सिमरनजीत सिंह मान ने सिंधु जल संधि को फिर से लागू करने की मांग की। इसके अलावा TAPI गैस पाइपलाइन को फिर से शुरू करने का आग्रह करते उन्होंने कहा कि इससे पंजाब की अर्थव्यवस्था और रोजगार क्षेत्र को लाभ हो सकता है। उन्होंने अमेरिकी राजदूत के सामने SGPC चुनाव कराने, सिखों की धार्मिक आज़ादी, सिख कैदियों की रिहाई और सिखों से जुड़े अन्य मुद्दों को उठाने की बात कही। अंत में संयुक्त राष्ट्र के आत्मनिर्णय के सिद्धांत का हवाला देते इमान सिंह मान ने एक स्वतंत्र सिख राष्ट्र की मांग दोहराई।