नई दिल्लीः भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को कमजोर शुरुआत की। सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स खुलने के साथ ही क्रैश हो गए। शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए बाजार में सोमवार सुबह बिकवाली का दबाव दिखा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा नीचे गया, जबकि निफ्टी 23,000 के स्तर के नीचे फिसल गया। बाजार में बढ़ती अस्थिरता का संकेत इंडिया वीआईएक्स में करीब 6% की तेजी से भी मिला। शेयर मार्केट में मची इस तबाही के चलते निवेशकों की अरबों की रकम स्वाहा हो गई।
शेयर मार्केट में सोमवार को कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही कोहराम मचा हुआ नजर आया। बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले शुक्रवार के बंद 73,895 की तुलना में गिरकर 73,734 पर खुला और फिर अचानक भूचाल सा आ गया और BSE Sensex भरभराकर 750 अंक से ज्यादा का गोता लगाकर 73,138 के लेवल कारोबार करने लगा।
सेंसेक्स जैसा ही हाल NSE Nifty का भी रहा. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,140 के मुकाबले गिरावट के साथ 23,065 पर ओपन हुआ और फिर एक झटके में 23,000 के स्तर के नीचे फिसल गया। हाल की बाजार गिरावट के पीछे कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं। इनमें भूराजनीतिक अनिश्चितता, शेयरों का ऊंचा वैल्यूएशन, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और कंपनियों की कमाई की धीमी रफ्तार प्रमुख हैं।
खास तौर पर कच्चे तेल की कीमतें बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है। इसलिए तेल महंगा रहने से आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है, जिसका असर बाजार की धारणा पर पड़ता है। इंडिया वीआईएक्स में करीब 6% की बढ़ोतरी बाजार में बढ़ती अस्थिरता का संकेत दे रही है। वीआईएक्स को आम तौर पर बाजार की अपेक्षित अस्थिरता का संकेतक माना जाता है।
इसका मतलब यह है कि निवेशकों के बीच आने वाले दिनों में बाजार के उतार-चढ़ाव को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। हालांकि, वीआ की तेजी अपने आप में बाजार की दिशा तय नहीं करती।