अमृतसर: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और सचखंड श्री दरबार साहिब के पूरे प्रशासन ने महान गुरसिख भाई लालो जी का जन्मदिन बहुत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। इस मौके पर संगत ने भाई लालो जी को सम्मानपूर्वक श्रद्धांजलि दी और उनके जीवन तथा गुरु नानक देव जी के साथ उनके जुड़ाव को याद किया।
भाई लालो जी को श्री गुरु नानक देव जी के एक महान गुरसिख के रूप में याद किया जाता है। उनका जीवन ईमानदारी से मेहनत करने, सच्चाई, सादगी और इंसानी बराबरी की प्रेरणा देता है। भाई लालो जी ने गुरु नानक देव जी द्वारा सिखाए बुनियादी सिद्धांतों किरत करो, नाम जपो और वंड के छको को अपनाकर गुरमत के ऊंचे आदर्शों को असल जीवन में उतारा। सिख इतिहास में भाई लालो जी का खास स्थान है। गुरु नानक देव जी उनके जीवन की सच्चाई और ईमानदारी से की कमाई का बहुत सम्मान करते थे।
गुरबानी में भी भाई लालो जी का सम्मान के साथ जिक्र मिलता है, श्री गुरु ग्रंथ साहिब में ये शब्द दर्ज हैं कि जैसा मालिक का हुक्म मुझे मिलता है, मैं वैसा ही सुनाता हूं, हे लालो। इस मौके पर सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी अमरजीत सिंह जी, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष भाई हरजिंदर सिंह जी धामी और उनकी पूरी टीम ने देश-विदेश की संगत को भाई लालो जी के जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने कहा कि भाई लालो जी का जीवन आज भी संगत को ईमानदारी और सच्चाई से मेहनत करने के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करता है।