जालंधर, ENS: सिविल अस्पताल में कृष्णा लैब के बाहर सुशीला नामक महिला द्वारा बच्चे को जन्म देने के मामले में मेडिकल सुपरिटेंडेंट नमिता घई ने बताया कि मरीज के पहले से 4 बच्चे है और 5वें बच्चे की डिलीवरी होनी थी। इस दौरान महिला कृष्णा लैब के बाहर मौजूद थी और उसी दौरान डॉक्टर राउंड के लिए जा रहे था। उन्होंने देखा कि महिला को लेबर पेन हो रही थी। जिसके बाद उन्होंने स्टाफ को सूचित करके स्टेचर मंगवाया। ऐसे में महिला ने लैब के बाहर बच्चे को जन्म दिया, जहां डॉक्टर ने बेबी को रिसीव किया और महिला को उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल करवाया गया।
मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों की हालत स्थिर है। उन्होंने कहाकि मरीज की पहचान गोराया रहने वाली सुशीला पत्नी कुमार के रूप में हुई है। ऐसे में गोराया से अस्पताल पहुंचने के दौरान उसके लेबर पेन शुरू हो गई। घटना के दौरान महिला के साथ परिवारिक मेंबर मौजूद थे। हैरानी की बात यह है कि स्टेचर पर कोई चादर नहीं डाली हुई थी। ऐसे में मेडिकल सुपरिटेंडेंट नमिता घई ने कहा कि जल्दबाजी में स्टेचर लाकर महिला के उपचार के दौरान यह सब हुआ है। ऐसे में उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से अपील की है, वह तुरंत उपचार के लिए डॉक्टरों से संपर्क करें।
वहीं घटना स्थल पर महिला की मदद करने की बजाये उसकी वीडियो बनाने वालों से अपील की है, वह ऐसे काम करने की जगह डॉक्टरों को केस संबंधी सूचित करें ताकि बच्चे और मां की जान बचाई जा सके। ऐसे में अगर बच्चे या मां के साथ कोई अप्रिय घटना होती तो इसका सभी को दुख रहना था। गनीमत यह रही कि जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ है। बता दें कि आज सुबह 10 बजे कृष्णा लैब के बाहर महिला ने बच्चे को जन्म दिया। केस की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिसके बाद अस्पताल स्टाफ और कर्मी तुरंत स्टेचर लेकर कृष्णा लैब के बाहर पहुंचे और तुरंत महिला को उपचार के लिए गायनी वार्ड में लेकर चले गए।