अमृतसरः ASI हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या के मामले में बड़ी कामयाबी मिली है। हरजीत सिंह अमृतसर की भगतनवाला दाना मंडी में ड्यूटी पर थे। हत्या से जुड़े दो संदिग्धों को पकड़ने के लिए पुलिस ऑपरेशन के दौरान एक आरोपी एनकाउंटर में मारा गया, जबकि दूसरा अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहा।
मामले की जानकारी देते अमृतसर पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि 18 सितंबर को ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद पुलिस ने घटनास्थल के CCTV फुटेज की बारीकी से जांच की। फुटेज में दो संदिग्ध काले रंग के काइनेटिक स्कूटर पर आते दिखे। जिसके बाद पुलिस ने इलाके के CCTV डेटा डंप, तकनीकी जानकारी और अन्य सबूतों का विश्लेषण किया और आखिरकार आरोपियों की पहचान के बारे में पक्की जानकारी हासिल की।
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक आरोपियों को जल्द पकड़ने के लिए दोपहर से ही कई जगहों पर चेकपॉइंट बनाए गए थे। पुलिस के पास खुफिया जानकारी भी थी कि अपराधी इलाके में घूम रहे हैं और किसी और अपराध की योजना बना रहे हो सकते है। पुलिस कमिश्नर के नेतृत्व में डीसीपी (सिटी) जसकिरण सिंह, डीसीपी (ऑपरेशन्स) जगराज सिंह और डीसीपी (इन्वेस्टिगेशन) प्रभजोत सिंह की टीमें अलग-अलग स्तरों पर ऑपरेशन चला रही थीं।
इसी बीच ठंडे रोड पर पुलिस चेकपॉइंट ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों को रुकने का इशारा किया। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक रुकने के बजाय आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। आरोपियों ने चार राउंड फायरिंग की; इनमें से दो गोलियां पुलिस की गाड़ी पर लगी। एक गोली पुलिस अधिकारी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उनकी जान बच गई, जबकि दूसरी गोली निशाने से चूक गई। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की और छह राउंड गोलियां चलाईं। इस दौरान एक गोली आरोपी को लगी और वह घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी की पहचान बलविंदर सिंह के बेटे दीपक सिंह के तौर पर हुई है।
ऑपरेशन के दौरान दूसरा आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला। पुलिस की कई टीमें अभी उसकी तलाश कर रही हैं। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पुलिस को फरार आरोपी की पहचान के बारे में काफी जानकारी मिली है और उसे जल्द पकड़ने की कोशिशें चल रही हैं। कमिश्नर ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि ASI हरजीत सिंह की हत्या में पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स का हाथ है। उनके मुताबिक इन युवाओं को एक पुलिस अफसर को निशाना बनाने और हत्या का 30 से 40 सेकंड का वीडियो रिकॉर्ड करने का काम सौंपा गया था।
CCTV फुटेज से पता चलता है कि ASI हरजीत सिंह को गोली लगने और सड़क पर गिरने के बाद आरोपी ने घटनास्थल पर उनका वीडियो रिकॉर्ड किया। उन्होंने कहा कि यह फ़ुटेज जांच का हिस्सा है और इसके बारे में और जानकारी की जांच की जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपियों को पैसे का लालच भी दिया गया था; जांच में पता चला है कि हत्या के बाद उन्हें ड्रोन के ज़रिए चिट्टा की खेप पहुंचाने का वादा किया गया था, जिसे उन्हें इकट्ठा करके बांटना था।
कमिश्नर ने कहा कि पुलिसकर्मी अपनी जान की परवाह किए बिना अपनी ड्यूटी निभाते हैं, और आतंकवाद के दौर में कई अफसर शहीद हुए थे। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ड्यूटी के दौरान किसी पुलिस अफ़सर पर पीछे से हमला करना बहादुरी का काम नहीं है। युवाओं से ड्रग्स और अपराध से दूर रहने की अपील करते हुए, कमिश्नर ने कहा कि पैसे के लालच में शॉर्टकट अपनाना गलत है। उन्होंने माता-पिता से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की संगति और गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखें और उन्हें सही दिशा दिखाएं।