ऊना,सुशील पंडित: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ऊना (आईआईआईटी ऊना) और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) पटना के बीच शैक्षणिक सहयोग, संयुक्त अनुसंधान, नवाचार तथा छात्र विकास को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा।
NIT पटना में आयोजित हस्ताक्षर समारोह में IIIT ऊना की ओर से निदेशक प्रो. मनीष गौर तथा सहायक अधिष्ठाता (शैक्षणिक) डॉ. अंकुर कुमार ने भाग लिया। वहीं, NIT पटना की ओर से निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार जैन और कुलसचिव डॉ. असीत नारायण ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
एमओयू के तहत दोनों संस्थान शैक्षणिक कार्यक्रमों, पाठ्यक्रम विकास, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, अनुसंधान सुविधाओं एवं उपकरणों के साझा उपयोग तथा स्नातकोत्तर और पीएचडी शोधार्थियों के संयुक्त पर्यवेक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग करेंगे। इसके अलावा शिक्षकों और विद्यार्थियों के आदान-प्रदान को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
समझौते के तहत पात्र विद्यार्थियों को सहयोगी संस्थान में ग्रीष्मकालीन अनुसंधान इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा। वहीं, विजिटिंग स्टूडेंट्स प्रोग्राम के माध्यम से पात्र बीटेक और एमटेक विद्यार्थी दूसरे संस्थान में एक सेमेस्टर बिताकर क्रेडिट आधारित पाठ्यक्रमों के साथ-साथ अनुसंधान, इंटर्नशिप और परियोजना कार्य में भाग ले सकेंगे।
एमओयू में अंतिम वर्ष के बीटेक और द्वितीय वर्ष के एमटेक विद्यार्थियों के लिए ‘स्टार्ट अर्ली पीएचडी प्रोग्राम’ के तहत सहयोगी संस्थान के पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश के अवसर का भी प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त शिक्षक पोस्टडॉक्टोरल तथा अन्य शैक्षणिक अवसरों का लाभ भी उठा सकेंगे।
दोनों संस्थान संयुक्त कार्यशालाओं, सेमिनारों, सम्मेलनों और अल्पकालिक सतत शिक्षा कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। साथ ही क्षमता निर्माण, पुस्तकालयों और प्रयोगशालाओं के साझा उपयोग, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, इनक्यूबेशन केंद्रों तथा अनुसंधान आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने पर भी सहयोग किया जाएगा।
IIIT ऊना के अनुसार यह साझेदारी विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए नए शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के साथ दोनों संस्थानों के अनुसंधान नेटवर्क को मजबूत करने और नवाचार आधारित सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।