चंडीगढ़: राज्य भर में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी परिणामों को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से पंजाब सरकार के सामाजिक सुरक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग (W.C.D) ने 27,000 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से दिए जाने वाले पूरक पोषण में व्यापक बदलाव किया है। गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों के लिए बनाई गई व्यवस्था में भी बड़े सुधार किए गए हैं, जिसके तहत प्रत्येक जिले में स्थानीय उत्पादन संयंत्र स्थापित किए गए हैं, सामुदायिक निगरानी की व्यवस्था की गई है और ‘टेक होम राशन’ के वितरण चक्र को 45 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
शुरुआत से पहले कड़ी जांच
गुणवत्ता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि ‘टेक होम राशन’ के टेंडर के लिए बोलीदाताओं द्वारा प्रस्तुत प्रत्येक व्यंजन और सामग्री की प्रयोगशालाओं में जांच की जाए। इसके अलावा, पहली बार आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के साथ वास्तविक टेस्ट-टेस्टिंग सत्र भी आयोजित किए गए हैं, ताकि केवल उन्हीं व्यंजनों को अंतिम मंजूरी के लिए चुना जाए, जिन्हें बच्चे वास्तव में पसंद करते हैं।
इस संबंध में महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “इन सुधारों के साथ पंजाब ने आंगनवाड़ी पोषण सुधारों में देश भर में अग्रणी स्थान हासिल किया है, जहां सुविधा की बजाय जवाबदेही और सामुदायिक भागीदारी को प्राथमिकता दी गई है। भगवंत मान सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आंगनवाड़ी नेटवर्क के माध्यम से जिन बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं तक पहुंच बनाई जाती है, उन्हें ऐसा भोजन मिले जो आवश्यक मात्रा में होने के साथ-साथ पौष्टिक और सुरक्षित भी हो।”