पठानकोट: जिला पठानकोट के हलका सुजानपुर का एक अमृतधारी नौजवान आज विदेशी जेल की सलाखों के पीछे मौत की सजा का सामना कर रहा है। कसूर सिर्फ इतना था कि उसने एक बीमार बुजुर्ग के लिए दवाई ले जाने की हामी भर दी थी। आज एक बेबस मां, बेसहारा पत्नी और मासूम बच्चो की आंखें पंजाब सरकार और केंद्र सरकार की तरफ इंसाफ की गुहार लगा रही हैं।
पठानकोटः पठानकोट के हलका सुजानपुर के ग्रामीण इलाके का रहने वाला नौजवान पिछले 10 सालों से दुबई में बतौर ट्रक ड्राइवर मेहनत-मशक्कत कर अपने परिवार का पेट पाल रहा था। दुबई से सऊदी अरब माल लेकर जाना उसकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था। 3 साल पहले वह घर पर छुट्टियां बिताकर वापस लौटा था, किसे मालूम था कि आगे कौन सा भयानक मंजर उसका इंतजार कर रहा है।
सऊदी अरब के सफर पर निकलते वक्त एक अनजान परिवार ने उससे संपर्क किया और सऊदी में मौजूद अपने एक बीमार बुजुर्ग का हवाला देकर दवाई का पैकेट पहुंचाने की गुहार लगाई। दो बार मना करने के बाद, जब सामने वाले ने बच्चों और बुजुर्ग से वीडियो कॉल पर बात करवाकर इंसानियत का वास्ता दिया, तो एक सच्चे पंजाबी और गुरसिख होने के नाते उसका दिल पसीज गया।
उसे क्या पता था कि नेकी के नाम पर उसके साथ बहुत बड़ा धोखा हो रहा है। जैसे ही वह दुबई बॉर्डर पहुंचा, स्कैनिंग के दौरान उस दवाई के पैकेट में से नशीला पदार्थ बरामद हुआ। कानून के शिकंजे में फंसे इस बेकसूर नौजवान को सऊदी की अदालत ने अब फांसी की सजा सुना दी है।
पिछले 3 सालों से परिवार के घर का चूल्हा आंसुओं से जल रहा है। परिवार का कहना है कि उनका बेटा अमृतधारी गुरसिख है, जिसका नशा तो दूर किसी गलत काम से कभी कोई वास्ता नहीं रहा। वह हमेशा दूसरों से प्यार करने और जीवों पर दया करने की सीख देता था।
रो-रोकर बेहाल हो चुकी बूढ़ी मां, पथराई आंखों वाले पिता, बेबस पत्नी और पिता के साए को तरसती नन्हीं बेटी आज हाथ जोड़कर सिर्फ एक ही विनती कर रहे है। हमारे बेकसूर पिता को बचा लीजिए। अगर सरकार इस मामले में उच्च स्तरीय जांच करवाए, तो सच्चाई सामने आ जाएगी कि वह सिर्फ एक साजिश का शिकार हुआ है।
इंसानियत के नाम पर मिला ये धोखा आज एक पूरे परिवार को उजाड़ने की कगार पर ले आया है। परिवार की नम आंखें अब भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से उम्मीद लगाए बैठी है कि इस मामले में दखल देकर उनके बेकसूर बेटे की जान बचाई जाए, ताकि वह अपने वतन लौटकर अपने मासूम बच्चों के साथ फिर से नई जिंदगी शुरू कर सके।