गौरीकुंडः केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण यात्रा तीसरे दिन भी बंद है। करीब 7 हजार यात्रियों को सुरक्षित निकालकर गौरीकुंड भेजा गया, जबकि 500 से ज्यादा यात्री अभी रास्ते में फंसे है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज से अति तेज बारिश की संभावना जताई है।
खराब मौसम और भूस्खलन की स्थिति के बीच केदारनाथ यात्रा लगातार तीसरे दिन प्रभावित रही। चीरबासा के पास पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण पैदल मार्ग पर आवाजाही रोक दी गई है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते प्रशासन फिलहाल मौसम और रास्ते की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
सुरक्षा बलों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर करीब 7,000 यात्रियों को सुरक्षित निकालकर गौरीकुंड की ओर भेजा है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार जो यात्री अभी रास्ते में रुके हुए हैं, उन्हें मौसम साफ होने और मार्ग सुरक्षित होने के बाद गौरीकुंड की ओर भेजा जाएगा।
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर अभी भी 500 से अधिक लोग फंसे हुए है। वहीं, लोक निर्माण विभाग की टीम पैदल मार्ग को दुरुस्त करने में जुटी हुई है। प्रशासन की प्राथमिकता यात्रियों को सुरक्षित निकालना और मार्ग को दोबारा आवाजाही के योग्य बनाना है।
सोमवार को नैनीताल में हुई मूसलाधार बारिश के बाद कई सड़कें जलमग्न हो गईं। जगह-जगह पानी भरने के कारण सड़कें तालाब जैसी नजर आईं। भारी बारिश ने स्थानीय जनजीवन को भी प्रभावित किया। देहरादून में मंगलवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक जिले में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारों के एक-दो दौर हो सकते हैं। कुछ इलाकों में तेज बारिश की भी संभावना है।