जालंधर, ENS: जालंधर हाइट्स-2 के डी ब्लॉक में युवती द्वारा छत से छलांग लगाने की घटना सामने आई है। इस घटना में युवती की मौत हो गई। मृतिका की पहचान 24 वर्षीय जैसमीन के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही थाना सदर की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर असल कारणों का पता चल पाएगा। वहीं थाना सदर के सब इंस्पेक्टर बलकरण ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि लड़की ने ब्लाक डी के फलैट की छत से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली है। जांच में सामने आया है कि जैसमनी अपनी पढ़ाई पूरी कर चुकी थी ओर दिमाग़ी तौर पर परेशान चल रही थी। पुलिस का कहना हैकि मृतक जैसमीन के परिवार को सूचित कर दिया गया है। परिवार के बयानों के आधार पर बनती कार्रवाई की जाएगी।
23 अगस्त को जालंधर हाइट्स से गिरकर 21 वर्षीय छात्रा की हुई थी मौत
गौरतलब हो कि बीते 23 अगस्त को जालंधर के 66 फीट रोड स्थित जालंधर हाइट्स में बीए फाइनल की 21 वर्षीय छात्रा महकप्रीत कौर की 10वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। घटना शनिवार शाम को सामने आई थी। जिसके बाद परिजन उसे तुरंत सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। मिली जानकारी के अनुसार महकप्रीत सुबह टहलते हुए बिल्डिंग की बालकनी की ओर गई थी, जहां से वह नीचे गिर गई। महकप्रीत कौर एपीजे कॉलेज में बीए फाइनल ईयर की छात्रा थी। परिवार के अनुसार वह पढ़ाई में होनहार थी।
पुलिस की प्राथमिक जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा था। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है कि वह परीक्षा में फेल हुई थी या पढ़ाई से जुड़ी किसी परेशानी के कारण यह कदम उठाया गया। परिवार ने बताया कि महकप्रीत डिप्रेशन की दवा ले रही थी।
जालंधर हाइट्स चौकी के इंचार्ज जसवीर चंद के अनुसार, छात्रा को गिरने से गंभीर अंदरूनी चोटें आई थीं। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और उसका मोबाइल फोन भी कब्जे में लेकर जांच की, लेकिन मोबाइल में कोई ऐसी जानकारी नहीं मिली जो घटना का कारण स्पष्ट कर सके।
जांच के बाद मोबाइल परिवार को सौंप दिया गया। पुलिस को घटनास्थल से भी कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। थाना सदर के प्रभारी संजीव सूरी ने बताया कि परिवार के बयान के आधार पर धारा 174 के तहत कार्रवाई की जा रही है।