लुधियानाः दरेसी इलाके में स्थित गुरु नानक देव नगर की गली में कपड़े की कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कॉपीराइट एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में फर्जी ब्रांडेड कपड़े बेचने के मामले में 3 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों पर कंपनी के फर्जी लोगो का इस्तेमाल कर महंगे दामों में कपड़े तैयार कर बेचने और ठगी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, यह मामला कॉपीराइट एक्ट की धारा 63/64 के अधीन दर्ज किया गया है। मामले की शिकायत किशनपाल सिंह ने दर्ज कराई है, जो आरएनए आईपी अटॉर्नी गुरुग्राम, हरियाणा में बतौर मैनेजर कार्यरत हैं।
किशनपाल सिंह ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि कंपनी की पावर ऑफ अटॉर्नी उनके नाम पर है और उन्हें अधिकार दिया गया है कि यदि कोई भी व्यक्ति उनकी कंपनी के फर्जी लोगो तैयार कर बाजार में नकली उत्पाद बेचता है, तो वे कानूनी कार्रवाई करवा सकते हैं। मैनेजर किशनपाल सिंह को सूचना मिली थी कि दरेसी इलाके में स्थित गुरु नानक देव नगर की गली के निवासी क्षितिज आहूजा, धीरज आहूजा और अभय सिंह उनकी कंपनी के ट्रेडमार्क और लोगो का अनधिकृत इस्तेमाल कर रहे हैं। ये आरोपी फर्जी लोगो वाले कपड़े तैयार कर बाजार में ग्राहकों को महंगे दामों पर बेचकर अवैध मुनाफा कमा रहे थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों क्षितिज आहूजा, धीरज आहूजा और अभय सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और कॉपीराइट उल्लंघन का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की अगली तफतीश और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले की जानकारी देते हुए कॉपीराइट अधिकारी हरमिंदर सिंह ने बताया कि इससे पहले पुलिस ने अब तक 3 मामले दर्ज किए इस महीने पुलिस ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हरमिंदर सिंह ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर हैरानी जताते हुए कहा जिस इलाके में फर्जी कपड़े बनाने की फैक्ट्रियां चल रही हैं, वहां की स्थानीय थाना पुलिस कार्रवाई करने के बजाय शांत बैठी रहती है। वहीं, दूसरे इलाकों की पुलिस आकर रेड मार रही है। कॉपीराइट टीम की तरफ से पुलिस को अब तक 50 से अधिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस ने इनमें से किसी भी फैक्ट्री पर खुद संज्ञान लेकर कार्रवाई नहीं की। पुलिस की ढिलाई को लेकर अब उच्च अधिकारियों की भूमिका और थानों के क्षेत्राधिकार पर सवाल खड़े हो रहे हैं।