नई दिल्लीः भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आज दूसरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में इस बड़े आयोजन में ब्रिक्स देशों के शीर्ष नेता और खास मेहमान एक मंच पर जुटे है। इस अहम बैठक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और दक्षिण अफ्रीका, ईरान व मिस्र के राष्ट्राध्यक्ष हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन के दूसरे दिन सभी नेता वैश्विक विकास और भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए एक विशेष ओपन सेशन में महामंथन करेंगे।
आज होने वाले इस ओपन सेशन का थीम रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी: शेपिंग द फ्यूचर फॉर इनक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ रखा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच नवाचार, आर्थिक लचीलेपन और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है।
सम्मेलन के पहले दिन सबसे अहम उपलब्धियों में नई दिल्ली घोषणा-पत्र को माना गया। इसमें आतंकवाद, वैश्विक संघर्ष, व्यापार और बहुपक्षीय व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर BRICS देशों ने साझा रुख सामने रखा।
भारत की मेजबानी में हो रहे इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की सक्रिय कूटनीति भी साफ नजर आ रही है। अलग-अलग देशों के नेताओं के साथ लगातार हो रही बैठकों के जरिए भारत व्यापार, रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने पर जोर दे रहा है।