चंडीगढ़ः सेक्टर-52 स्थित इंडियन ऑयल करन फिलिंग प्वाइंट पर शुक्रवार रात करीब 11:15 बजे खरड़ सीआईए टीम और एंडेवर कार में सवार दो संदिग्ध आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। वहीं इस मामले में नया मोड़ सामने आया है। दरअसल, मनीष अपनी एक दोस्त लड़की के साथ सेक्टर 52 तेल डलवाने आया था और अचानक सिविल ड्रेस में 5 से 6 लोगों ने मनीष पर फायरिंग कर दी। इस दौरान मनीष के बाजू और पेट मेें गोली लगी। जिसके बाद मनीष गाड़ी लेकर निकल गया और रास्ते में अपने दोस्तों को उसने फोन किया। इस दौरान पीजीआई में उपचार के लिए चला गया, जहां डॉक्टरों द्वारा उसका ऑपरेशन किया गया। वहीं मनीष के दोस्त हरमन ने बताया कि हम पहले मोहाली सब घूम रहे थे, उसी समय से कुछ लड़के हमारे पीछे लगे हुए थे।
जब वे सेक्टर 52 में पहुंचे तो अचानक ही उन लोगों ने मनीष पर फायरिंग कर दी। इस दौरान मनीष को गाड़ी से खींचकर बाहर निकालने की कोशिश की। उसने शक जताया कि कुछ पुलिस मुलाजिम लग रहे थे, लेकिन अभी यह नहीं पता लगा कि कौन पुलिस उसका पीछा कर रही थी। मनीष की बहन वंदना ने बताया कि उनके भाई ने बताया कि वह दोस्त के साथ पंप पर तेल डलवाने गया और वहां पर नौजवानों ने उस पर फायरिंग कर दी। वंदना ने कहा कि जिस पुलिस द्वारा फायरिंग का कहा जा रहा है, उक्त पुलिस ने मनीष का कोई बयान नहीं लिया। वहीं मनीष के दोस्तों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वंदना ने कहा कि मनीष के ख़िलाफ़ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के मामले में एफआईआर दर्ज है। आरोप है कि वह झूठा पर्चा दर्ज हुआ है।
उन्होंने आशंका जताई कि उनकी जान को भी ख़तरा है। कोई भी पुलिस अधिकारी इस मामले पर टिप्पणी करने को तैयार नहीं है। वंदना ने कहाकि उसका भाई एक माह के लिए जेल से रिहा होकर आया है। मनीष का पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज चल रहा था। वहीं मनीष की दोस्त हरमन ने बताया कि वह पंप पर खड़े थे। इस दौरान नौजवान पहले से खड़े थे और उन्होंने कार सवार के आते ही फायरिंग कर दी। जिसके बाद एक नौजवान ने उसे गाड़ी से बाहर खींचने की कोशिश की। लेकिन किसी ने नहीं बताया कि वह पुलिस कर्मी है। हरमन ने कहा कि मनीष के पास कोई हथियार नहीं था। ऐसे में जब व्यक्तियों ने फायरिंग की तो मनीष ने गाड़ी भगा ली और उन्होंने रास्ते में दोस्तों को फोन किया। जिसके बाद दोस्तों के साथ वह अस्पताल में दाखिल हुए।