नई दिल्लीः चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 7 साल बाद भारत पहुंच चुके है। 2020 की गलवान झड़प के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है। वे नई दिल्ली में BRICS समिट में शामिल होंगे। जिनपिंग की आज शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय बैठक होगी। दोनों नेताओं की मुलाकात पर भारत-चीन रिश्तों की आगे की दिशा को लेकर नजर रहेगी।
BRICS समिट में मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और जिनपिंग करीब 10 साल बाद एक साथ नजर आएंगे। तीनों नेता 2016 के गोवा BRICS समिट में भी साथ शामिल हुए थे।
पालम एयरपोर्ट पर जिनपिंग पर विमान लैंड हुआ, जहां उन्हें गार्ड ऑफ हॉनर दिया गया। केंद्रीय मंत्री वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान हैदराबाद हाउस में वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों और आपसी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। यह बैठक दिल्ली में ब्रिक्स समटि से इतर हुई।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। माना जा रहा है कि बैठक में दोनों देशों के रिश्तों, व्यापार और दूसरे अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
उधर, कांग्रेस ने कहा कि आज दुनिया भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक दबाव, सप्लाई चेन की कमजोरियों, युद्ध और जलवायु संकट जैसी चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत को BRICS के दूसरे देशों के साथ मिलकर एक ऐसी वैश्विक व्यवस्था बनाने की कोशिश करनी चाहिए, जो सभी देशों को सुरक्षा, समृद्धि और सम्मान दे।