215 करोड़ की 6 सिंचाई योजनाओं पर काम जारी, 128 करोड़ की 5 नई योजनाएं भी प्रस्तावित
ऊना,सुशील पंडित: कभी हरोली का बीत एरिया पीने के पानी के लिए भी तरसता था और खेती के लिए पानी की कमी यहां के किसानों के सामने बड़ी चुनौती थी। अब यही क्षेत्र बड़े पैमाने पर सिंचाई सुविधाओं से जुड़ने की राह पर है। जल शक्ति विभाग की योजनाओं से खेतों तक पानी पहुंचाने का मजबूत नेटवर्क तैयार हो रहा है। 12 दिसम्बर, 2022 से अब तक तक हरोली विधानसभा क्षेत्र में करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से 17 सिंचाई नलकूपों का निर्माण पूरा कर उन्हें जनता को समर्पित किया जा चुका है। इनसे 482 हेक्टेयर यानी 12,551 कनाल भूमि को सिंचाई सुविधा मिल रही है। आने वाले समय में पानी की उपलब्धता बढ़ने के साथ इन खेतों में फसलें लहलहाएंगी और किसानों को खेती के लिए अधिक भरोसेमंद सिंचाई सुविधा मिलेगी।
सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान में हरोली क्षेत्र में 32 सिंचाई नलकूपों का कार्य प्रगति पर है, जिन पर करीब 31 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इनके पूरा होने पर करीब 875 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा 17 सिंचाई योजनाओं के कमांड क्षेत्र के आधुनिकीकरण और उन्नयन पर करीब 13 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिससे 850 हेक्टेयर भूमि को पूर्ण सिंचाई सुविधा मिलेगी। इन प्रयासों से हरोली में खेती का दायरा बढ़ेगा और किसानों को अपनी भूमि का बेहतर उपयोग करने का अवसर मिलेगा।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत सिंचाई योजना बीत एरिया फेज-2 इस बदलाव की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। करीब 75 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस योजना का 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है तथा शेष कार्य जून, 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। योजना के तहत स्वां नदी के किनारे 9 कुओं का निर्माण कर पानी को पंपिंग के माध्यम से 11 लाख लीटर क्षमता के टैंक में एकत्र किया जाएगा। इसके बाद 600, 450 और 400 मिलीमीटर व्यास की चार मुख्य पाइप लाइनों के माध्यम से पानी पोलियां, कुंगढत, पालकवाह और जोड़ियां तक पहुंचाया जाएगा। वहां से वितरण प्रणाली के जरिए 28 गांवों की 1,874 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। योजना पूरी होने के बाद बीत एरिया सहित आसपास के गांवों के खेतों को पर्याप्त सिंचाई पानी मिलने की उम्मीद है और क्षेत्र की कृषि गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
हरोली ब्लॉक क्लस्टर में एमसीएडी योजना के कार्यान्वयन के लिए 97 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता को स्वीकृति मिल चुकी है। जिसमें पुरानी सिंचाई योजनाओं का उन्नयन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 128 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली पांच सिंचाई योजनाओं की डीपीआर भी स्वीकृति के लिए भेजी गई हैं। इनमें दो डीपीआर प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना तथा तीन डीपीआर नाबार्ड के तहत प्रस्तावित हैं। स्वीकृति मिलते ही इन योजनाओं पर कार्य शुरू किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हरोली में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार केवल योजनाओं और निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध किसानों की आय, कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने से है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में हरोली विधानसभा क्षेत्र में करीब 215 करोड़ रुपये की छह सिंचाई योजनाएं या तो पूरी हो चुकी हैं या उन पर कार्य चल रहा है, जबकि करीब 128 करोड़ रुपये की पांच नई सिंचाई योजनाएं प्रस्तावित हैं। इन योजनाओं के पूरा होने से हरोली में सिंचाई का दायरा और बढ़ेगा तथा आने वाले समय में बड़ी मात्रा में कृषि भूमि पानी से जुड़ेगी। कभी पानी की कमी के लिए पहचाने जाने वाले बीत एरिया में अब खेतों में फसलें लहलहाने की नई उम्मीद जगी है।